ऑस्ट्रेलिया से 15 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किए जाने का मामला सामने आया है, जिनमें 11 लोग पंजाब से संबंधित बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इनमें से 9 पंजाबियों को ही भारत भेजा गया, जबकि बाकी के बारे में अलग प्रक्रिया अपनाई गई। डिपोर्ट किए गए लोगों में एक महिला भी शामिल है।
इन सभी को लेकर आने वाली फ्लाइट देर रात Indira Gandhi International Airport, दिल्ली पहुंची। एयरपोर्ट पर उतरते ही सुरक्षा एजेंसियों और इमिग्रेशन अधिकारियों ने सभी यात्रियों को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ शुरू की। सूत्रों के अनुसार, यह पूछताछ करीब पांच घंटे तक चली, जिसमें उनके दस्तावेज, यात्रा का उद्देश्य और ऑस्ट्रेलिया में उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन लोगों को वीज़ा नियमों के उल्लंघन, अवैध रूप से ठहरने या अन्य इमिग्रेशन संबंधी कारणों के चलते ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों द्वारा डिपोर्ट किया गया है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर सभी मामलों की विस्तृत पुष्टि अभी बाकी है। संबंधित एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि कहीं इसमें मानव तस्करी या फर्जी एजेंटों का कोई नेटवर्क तो शामिल नहीं है।
पंजाब से बड़ी संख्या में युवाओं का विदेश जाने का रुझान लंबे समय से देखा जा रहा है। बेहतर रोजगार और जीवनशैली की तलाश में कई लोग जोखिम उठाकर अवैध तरीकों का सहारा भी ले लेते हैं, जिसके चलते ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों को विदेश जाने से पहले पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध एजेंट से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
फिलहाल, सभी डिपोर्ट किए गए व्यक्तियों को जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके घर भेजने की तैयारी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सके।

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