मुंबई, 28 अगस्त : युवा रिश्तों, दोस्ती और प्यार की कहानी पर आधारित फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ अपने संगीत के जरिए कहानी के अलग-अलग भावनात्मक रंग सामने ला रही है। फिल्म का दूसरा गीत ‘कहो तो’ अब रिलीज़ हो चुका है। अरमान मलिक की आवाज़ में सजे इस गीत में प्यार, इंतज़ार, किसी के करीब आने की इच्छा और रिश्ते को आगे बढ़ाने की भावनाओं को खूबसूरती से पेश किया गया है।
गीत को ज़ी म्यूज़िक कंपनी के यूट्यूब चैनल और सभी प्रमुख संगीत मंचों पर जारी किया गया है। आधुनिक वाद्य यंत्रों के साथ सूफियाना कव्वाली का मेल इस गीत को फिल्म के पहले गीत से अलग पहचान देता है। जहां पहला गीत ‘अंडी बंडी’ युवा जोश और मस्ती से भरा नजर आया था, वहीं ‘कहो तो’ प्रेम के शांत और गहरे एहसास को सामने लाता है।
‘कहो तो’ में प्यार के अनकहे एहसास
‘कहो तो’ को वीर पहाड़िया और आफिया सैयद पर फिल्माया गया है। गीत उन भावनाओं को केंद्र में रखता है, जिन्हें महसूस करना आसान होता है, लेकिन उन्हें शब्दों में कहना कई बार मुश्किल हो जाता है। किसी खास व्यक्ति के करीब आने की चाह, उसके लिए इंतजार करना और रिश्ते को एक कदम आगे ले जाने की उम्मीद गीत की भावनात्मक पृष्ठभूमि तैयार करती है।
अरमान मलिक की आवाज़ गीत को रोमांटिक एहसास देती है। उनकी गायकी में प्रेम की कोमलता और भावनात्मक गहराई सुनाई देती है। गीत में शामिल कव्वाली वाला हिस्सा इस रोमांटिक माहौल में एक अलग रंग जोड़ता है और संगीत को पारंपरिक तथा आधुनिक अंदाज़ के बीच संतुलित करता है।
अरमान मलिक ने बताया क्यों खास है यह गीत
अरमान मलिक ने ‘कहो तो’ को पूरी तरह बॉलीवुड प्रेम गीत बताते हुए कहा कि इस तरह के गाने गाना उन्हें हमेशा खुशी देता है। उनके अनुसार ऐसे गीत उन्हें उस दौर की याद दिलाते हैं, जब बड़े और शानदार प्रेम गीत फिल्मों का महत्वपूर्ण हिस्सा हुआ करते थे।
गायक ने यह भी बताया कि अंकुर आर. पाठक के साथ यह उनका पहला काम है और उन्हें तैयार किया गया संगीत काफी पसंद आया। उनके मुताबिक पुराने बॉलीवुड प्रेम गीतों की खूबसूरती के साथ कव्वाली का मेल ‘कहो तो’ को अलग पहचान देता है। उन्होंने गीत के श्रोताओं तक पहुंचने को लेकर भी उत्साह जाहिर किया।
सचिन उर्मतोश के बोल, अंकुर आर. पाठक का संगीत
‘कहो तो’ के बोल सचिन उर्मतोश ने लिखे हैं, जबकि संगीत की जिम्मेदारी अंकुर आर. पाठक ने संभाली है। गीत के कव्वाली हिस्से को अल्तमश फरीदी ने अपनी आवाज़ दी है। इस तरह गीत में मुख्य रोमांटिक धुन के साथ कव्वाली की प्रस्तुति को जोड़ा गया है।
फिल्म के संगीत की खासियत यह भी है कि इसमें अलग-अलग शैली और आवाज़ों को जगह दी गई है। ‘प्रेम कीटाणु’ में कुल सात गीत बताए गए हैं। इनमें सचेत टंडन, परंपरा टंडन, बी. प्राक, अरमान मलिक, पापोन, जुबिन नौटियाल, मधुर शर्मा, अल्तमश फरीदी, शशि सुमन और बृजेश शांडिल्य जैसे गायक शामिल हैं। रैपर लिटिल भाटिया और मेज़म्यूज़िक भी फिल्म के संगीत का हिस्सा हैं।
सात गीतों से बनेगा फिल्म का संगीत संसार
फिल्म के पहले गीत ‘अंडी बंडी’ ने युवा उत्साह, चुलबुले अंदाज़ और बॉलीवुड की मस्ती को सामने रखा था। इसके बाद ‘कहो तो’ के जरिए कहानी का रोमांटिक और भावनात्मक पक्ष उभरकर सामने आया है। दोनों गीतों का अलग मूड यह संकेत देता है कि फिल्म अपने किरदारों की जिंदगी में मौजूद अलग-अलग भावनाओं को संगीत के माध्यम से भी आगे बढ़ाएगी।
‘प्रेम कीटाणु’ की कहानी युवाओं के एक समूह के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें दोस्ती, पहला प्यार, एकतरफा प्यार और दिल टूटने जैसे अनुभवों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। ऐसे में फिल्म के अलग-अलग गीत इन भावनाओं को अलग-अलग अंदाज़ में पेश करने की भूमिका निभाते हैं।
अपूर्व सिंह कार्की की फिल्म में नजर आएंगे ये कलाकार
‘प्रेम कीटाणु’ का निर्देशन अपूर्व सिंह कार्की ने किया है। फिल्म का निर्माण गौरव वर्मा ने अवनिका फिल्म्स के बैनर तले किया है। इसे फार्स फिल्म्स के साथ मिलकर भावना स्टूडियोज़ के सहयोग से प्रस्तुत किया गया है।
फिल्म में वीर पहाड़िया, आफिया सैयद, अपारशक्ति खुराना, राकेश बेदी और निखिल विजय अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। कहानी युवाओं के अनुभवों और रिश्तों के अलग-अलग पड़ावों को हल्के-फुल्के अंदाज़ में सामने लाने की कोशिश करती है।
अपूर्व सिंह कार्की इससे पहले ‘सिर्फ एक बंदा काफी है’ और ‘एस्पिरेंट्स’ जैसी चर्चित रचनाओं से जुड़े रहे हैं। इस बार वह युवा दर्शकों के लिए दोस्ती और प्रेम से जुड़ी हल्की-फुल्की कहानी लेकर आ रहे हैं। वीर पहाड़िया के लिए भी फिल्म का पहला गीत ‘अंडी बंडी’ उनके नृत्य और हास्य से जुड़े अलग अंदाज़ को सामने लाता है।
फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ 2 अक्टूबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। फिलहाल ‘कहो तो’ के जरिए फिल्म के संगीत का एक और भावनात्मक पहलू दर्शकों के सामने आ गया है। अब फिल्म के बाकी गीत कहानी और किरदारों के किन रंगों को सामने लाते हैं, इस पर दर्शकों की नजर रहेगी।
Live24India Analysis
‘कहो तो’ फिल्म के संगीत में एक अलग भावनात्मक स्तर जोड़ता दिखाई देता है। ‘अंडी बंडी’ के युवा और मस्ती भरे अंदाज़ के बाद यह गीत प्रेम के अपेक्षाकृत शांत और गहरे पक्ष को सामने लाता है। आधुनिक संगीत के साथ कव्वाली का इस्तेमाल इसे फिल्म के पहले गीत से अलग बनाता है।
फिल्म की कहानी युवाओं के रिश्तों और भावनात्मक अनुभवों के आसपास रखी गई है। ऐसे में सात गीतों का संगीत संसार कहानी के अलग-अलग पड़ावों को आवाज़ देने की भूमिका निभा सकता है। हालांकि फिल्म की वास्तविक दर्शक प्रतिक्रिया 2 अक्टूबर 2026 को रिलीज़ के बाद ही सामने आएगी।
‘कहो तो’ के साथ ‘प्रेम कीटाणु’ के संगीत का नया रंग सामने आ गया है। फिल्म और इसके आने वाले गीतों से जुड़ी खबरों के लिए Live24India पढ़ते रहें।
