नई दिल्ली, 12 अक्टूबर : दिल्ली में Jantar Mantar को धरने-प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद सियासी और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रिया सामने आई है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अब पूरा देश ही जंतर-मंतर बनेगा।”
अभिजीत दीपके का यह बयान ऐसे समय आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने दिल्ली में प्रदर्शन स्थलों की व्यवस्था में बदलाव किया है।
Jantar Mantar की जगह तीन नए प्रदर्शन स्थल निर्धारित
नई व्यवस्था के तहत दिल्ली में धरने और विरोध प्रदर्शन करने के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को निर्धारित किया गया है। जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के साथ इससे संबंधित पुरानी अधिसूचना भी रद्द कर दी गई है।
यह फैसला गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है। समिति को नागरिकों के विरोध प्रदर्शन के अधिकार को ध्यान में रखते हुए मौजूदा निर्धारित स्थलों के विकल्प तलाशने की जिम्मेदारी दी गई थी।
CJP संस्थापक ने फैसले पर दी प्रतिक्रिया
सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, “अब पूरा देश ही Jantar Mantar बनेगा।”
उनके इस बयान का संदर्भ Jantar Mantar को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के फैसले से जुड़ा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनके इस बयान के अलावा फैसले को लेकर उनकी विस्तृत प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।
2011 के आंदोलन के बाद देशभर में मिली पहचान
Jantar Mantar लंबे समय से दिल्ली में धरने और विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्ष 1993 में जंतर-मंतर रोड प्रदर्शन स्थल के रूप में प्रमुखता से इस्तेमाल होने लगी थी।
इससे पहले वर्ष 1988 में किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में दिल्ली के बोट क्लब क्षेत्र में बड़ा किसान प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद वहां प्रदर्शनों पर पाबंदियां सख्त कर दी गई थीं।
वर्ष 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर को देशभर में व्यापक पहचान मिली। इसके बाद यह विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने के प्रमुख स्थलों में शामिल रहा।
अब तीन निर्धारित स्थलों पर होगी प्रदर्शन की व्यवस्था
दिल्ली पुलिस के आदेश के मुताबिक, रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को नए निर्धारित स्थलों के रूप में शामिल किया गया है। इन जगहों पर प्रदर्शन करने की अनुमति, शर्तों और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी अलग से जारी होने वाली मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और दिशा-निर्देशों के तहत स्पष्ट की जाएगी।
Jantar Mantar को सूची से हटाने का फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब CJP की ओर से भी वहां प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी गई थी। अब नई व्यवस्था के तहत दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए तीन वैकल्पिक स्थल निर्धारित किए गए हैं।
सवाल : अभिजीत दीपके ने सरकार के फैसले पर क्या कहा?
जवाब: CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “अब पूरा देश ही जंतर-मंतर बनेगा।”
सवाल : जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से क्यों हटाया गया?
जवाब: उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया। समिति को प्रदर्शनों के लिए वैकल्पिक स्थलों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
सवाल : दिल्ली में अब कौन-कौन से प्रदर्शन स्थल निर्धारित किए गए हैं? जवाब: नई व्यवस्था के तहत रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को प्रदर्शन स्थलों के रूप में निर्धारित किया गया है।
Live24Punjabi Analysis : अभिजीत दीपके का बयान जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले पर उनकी प्रतिक्रिया को सामने लाता है। उनका कथन विरोध दर्ज कराने के लिए वैकल्पिक स्थानों की व्यवस्था को लेकर उनकी प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा सकता है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में उनके बयान के अलावा आगे की रणनीति या किसी नए कार्यक्रम का विवरण नहीं है। इसलिए उनके बयान के आधार पर किसी आगामी आंदोलन या कार्यक्रम के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थलों की नई व्यवस्था और CJP संस्थापक अभिजीत दीपके की प्रतिक्रिया से जुड़ी पूरी खबर पढ़ें।
