नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेता विक्रांत मैसी अब अपने चर्चित प्रोजेक्ट ‘Musafir Cafe’ की दुनिया को पर्दे से बाहर वास्तविक जिंदगी में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में दो नए ‘मुसाफिर कैफे’ बनाए जा रहे हैं। दोनों स्थानों पर फिलहाल निर्माण का काम जारी है और इसी बीच इनमें से एक कैफे की निर्माणाधीन स्थिति की खास तस्वीर सामने आई है।
तस्वीर में पहाड़ी इलाके के बीच आकार लेते कैफे की शुरुआती झलक दिखाई दे रही है। इसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रोजेक्ट को शो में दिखाई गई ‘मुसाफिर कैफे’ की दुनिया के अनुरूप तैयार करने की कोशिश की जा रही है। कैफे को आसपास के प्राकृतिक वातावरण के साथ जोड़ने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पहाड़ों में बन रहे हैं दो ‘मुसाफिर कैफे’
विक्रांत मैसी इस प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में दो ‘मुसाफिर कैफे’ खोलने की तैयारी में हैं। दोनों स्थानों पर निर्माण का काम चल रहा है और कैफे को शो में नजर आए स्थान के लुक और अनुभव के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य स्क्रीन पर दिखाई गई ‘मुसाफिर कैफे’ की गर्मजोशी और वातावरण को वास्तविक जगह पर दोबारा तैयार करना है। पहाड़ी इलाकों की प्राकृतिक परिस्थितियों और आसपास के वातावरण को ध्यान में रखते हुए कैफे के डिजाइन को तैयार किया जा रहा है।
निर्माणाधीन तस्वीर में भी कैफे के लिए इस्तेमाल की जा रही संरचना और पहाड़ी परिवेश के बीच तालमेल की झलक मिलती है।
शो की दुनिया को असल जिंदगी में उतारने की कोशिश
‘मुसाफिर कैफे’ की दुनिया को केवल कैफे तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में कलाकारों के लिए रेजिडेंसी की व्यवस्था भी शामिल है। जानकारी के अनुसार, यहां 20 कमरे आर्टिस्ट रेजिडेंसी के लिए बनाए जाएंगे।
इन रेजिडेंसी स्पेस को कैफे की दुनिया का विस्तार माना जा रहा है। इसका उद्देश्य ऐसी जगह तैयार करना है जहां ‘मुसाफिर कैफे’ का वातावरण स्क्रीन से बाहर भी महसूस किया जा सके।
कैफे और रेजिडेंसी दोनों को पहाड़ों के प्राकृतिक परिवेश के साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इस तरह प्रोजेक्ट में मनोरंजन के साथ रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी जगह तैयार करने की योजना है।
स्टोन और वुड आर्किटेक्चर पर जोर
सामने आई निर्माण की तस्वीर में कैफे के डिजाइन में पत्थर और लकड़ी की संरचना की झलक देखने को मिलती है। इसे पहाड़ी लैंडस्केप के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, ताकि कैफे अपने आसपास के प्राकृतिक वातावरण के साथ सहज रूप से जुड़ सके।
डिजाइन में शो में दिखाई दिए कैफे के लुक और अनुभव को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही वास्तविक स्थान की जरूरतों और पहाड़ी वातावरण के अनुसार इसे तैयार किया जा रहा है।
निर्माण की तस्वीर से यह भी संकेत मिलता है कि प्रोजेक्ट को केवल एक सामान्य कैफे के तौर पर नहीं, बल्कि ‘मुसाफिर कैफे’ की स्क्रीन वाली दुनिया के वास्तविक विस्तार के रूप में विकसित किया जा रहा है।
चंदर के सफर से जुड़ा है कैफे
सीरीज में विक्रांत मैसी ने चंदर का किरदार निभाया है। कहानी में उनका किरदार अपने सपने को पूरा करने के लिए पहाड़ों में बसता है और अपने कैफे के आसपास अपनी जिंदगी को आगे बढ़ाने की कोशिश करता है।
कैफे कहानी और चंदर के सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यही वजह है कि वास्तविक जिंदगी में भी इसी दुनिया को कैफे के रूप में विकसित किया जा रहा है।
स्क्रीन पर दिखाई गई जगह को वास्तविक रूप में तैयार करने की यह कोशिश प्रोजेक्ट को सीरीज की कहानी से सीधे जोड़ती है। अब निर्माणाधीन तस्वीर के सामने आने के बाद प्रशंसकों को इस कैफे के वास्तविक रूप में तैयार होने की झलक भी मिलने लगी है।
विक्रांत मैसी के प्रोडक्शन हाउस की पहल
यह प्रोजेक्ट विक्रांत मैसी के प्रोडक्शन हाउस ‘होममेड स्टोरीज’ के जरिए उनके अभिनय से आगे के काम को भी विस्तार देता है। दो अलग-अलग पहाड़ी राज्यों में कैफे तैयार किए जाने से ‘मुसाफिर कैफे’ की दुनिया को वास्तविक स्थानों में विकसित करने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बन रहे दोनों कैफे अपने प्राकृतिक परिवेश के अनुसार तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही शो से जुड़े लुक और अनुभव को बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
20 कमरों वाली आर्टिस्ट रेजिडेंसी भी इस प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा है। इससे कैफे को सिर्फ खाने-पीने की जगह के बजाय रचनात्मक गतिविधियों से जुड़े स्थान के रूप में विकसित करने की योजना का संकेत मिलता है।
फिलहाल निर्माण कार्य जारी है और सामने आई तस्वीर इस प्रोजेक्ट की शुरुआती झलक पेश करती है। आने वाले समय में जब दोनों ‘मुसाफिर कैफे’ पूरी तरह तैयार होंगे, तब स्क्रीन पर दिखाई गई इसकी दुनिया को वास्तविक पहाड़ी परिवेश में देखने का अनुभव अलग होगा।
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