मुंबई, 28 अक्टूबर : JIO प्लेटफॉर्म्स ने बुधवार को शेयर बाजार में धमाकेदार शुरुआत करते हुए निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। कंपनी के शेयर 1,119 रुपये के आईपीओ मूल्य के मुकाबले 1,358 रुपये पर सूचीबद्ध हुए। इस तरह जियो के शेयरों ने आईपीओ मूल्य से करीब 21.35 प्रतिशत प्रीमियम के साथ बाजार में प्रवेश किया।
लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का बाजार मूल्यांकन करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस मूल्यांकन के साथ कंपनी भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई। बाजार में शुरुआती प्रदर्शन ने जियो के डिजिटल और दूरसंचार कारोबार को अलग पहचान दिलाई है।
आईपीओ मूल्य से 21 प्रतिशत से अधिक प्रीमियम
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर की शुरुआत 1,358 रुपये पर हुई, जबकि आईपीओ के दौरान इसका मूल्य 1,119 रुपये तय किया गया था। दोनों कीमतों के बीच अंतर से स्पष्ट है कि बाजार में कंपनी के शेयर को मजबूत शुरुआती प्रतिक्रिया मिली।
करीब 21.35 प्रतिशत प्रीमियम पर लिस्टिंग ने जियो प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक बाजार में प्रवेश को महत्वपूर्ण बना दिया। कंपनी का बाजार मूल्यांकन भी लिस्टिंग के साथ करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
रिलायंस समूह के लिए भी बड़ा घटनाक्रम
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग रिलायंस समूह के लिए करीब दो दशक बाद पहली बड़ी सार्वजनिक पेशकश के रूप में सामने आई है। मुकेश अंबानी की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी की बाजार में एंट्री को भारतीय शेयर बाजार के बड़े घटनाक्रमों में शामिल किया जा रहा है।
कंपनी का आईपीओ करीब 3.2 अरब डॉलर का था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस पेशकश को निवेशकों की मजबूत प्रतिक्रिया मिली। लिस्टिंग के दिन शेयर की शुरुआत आईपीओ मूल्य से काफी ऊपर होने से बाजार में जियो को लेकर निवेशकों की रुचि भी दिखाई दी।
53 करोड़ से अधिक ग्राहकों का टेलीकॉम कारोबार
जियो प्लेटफॉर्म्स का टेलीकॉम कारोबार 53 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं देता है। यह ग्राहक आधार कंपनी के दूरसंचार कारोबार के बड़े पैमाने को दर्शाता है।
कंपनी को मेटा और गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट जैसे बड़े निवेशकों का समर्थन भी मिला है। इन निवेशकों के समर्थन ने जियो के डिजिटल कारोबार को वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण स्थान दिया है।
लिस्टिंग के बाद जियो ने बाजार पूंजीकरण में भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक को पीछे छोड़ दिया। इस बदलाव ने जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में शुरुआती स्थिति को और महत्वपूर्ण बना दिया।
डिजिटल और दूरसंचार कारोबार को मिली अलग पहचान
जियो की मजबूत लिस्टिंग से कंपनी के डिजिटल और दूरसंचार कारोबार को अलग पहचान मिली है। बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद अब कंपनी के कारोबार का मूल्यांकन सार्वजनिक बाजार के स्तर पर भी दिखाई देने लगा है।
जियो की बाजार में एंट्री केवल एक कंपनी की लिस्टिंग तक सीमित नहीं है। यह रिलायंस समूह के उस व्यापक कारोबारी बदलाव का हिस्सा है, जिसमें पारंपरिक तेल और रसायन कारोबार के साथ टेक्नोलॉजी और उपभोक्ता सेवाओं को भी विस्तार दिया जा रहा है।
आगे जियो के सामने क्या चुनौतियां हैं
शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत के बावजूद जियो प्लेटफॉर्म्स के सामने कई कारोबारी चुनौतियां भी मौजूद हैं। कंपनी के लिए दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। इसके अलावा बड़े पूंजीगत निवेश की जरूरत और दूरसंचार नियमों में संभावित बदलाव भी कारोबार पर असर डाल सकते हैं।
इसलिए शुरुआती लिस्टिंग प्रदर्शन के साथ कंपनी के आगे के कारोबारी प्रदर्शन पर भी बाजार की नजर रहेगी। मौजूदा स्थिति में जियो की सार्वजनिक बाजार में एंट्री ने रिलायंस समूह के डिजिटल और उपभोक्ता कारोबार को एक नई बाजार पहचान दी है।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि कंपनी ने पहले ही दिन आईपीओ मूल्य से काफी ऊपर शुरुआत की और करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये का बाजार मूल्यांकन हासिल किया। इससे भारतीय शेयर बाजार में कंपनी की स्थिति प्रमुख सूचीबद्ध कंपनियों के बीच पहुंच गई है।
