मुंबई, 10 अगस्त : फिल्म निर्माण की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले एक्सेल एंटरटेनमेंट ने 25 साल पूरे होने के मौके पर अपनी अगली पीढ़ी की रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी के सह-संस्थापक रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने एक्सेल ओरिजिन्स नाम की नई पहल की घोषणा की है। इसका उद्देश्य 30 साल से कम उम्र के भारतीय फिल्ममेकर्स, लेखकों और दूसरे रचनात्मक प्रतिभाशाली लोगों को तलाशना और उन्हें अपनी कहानियां विकसित करने का अवसर देना है।
एक्सेल एंटरटेनमेंट की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने 1999 में कंपनी की शुरुआत की थी। 2001 में आई दिल चाहता है कंपनी की पहली फिल्म थी, जिसने युवा पीढ़ी की दोस्ती, रिश्तों और बदलती जीवनशैली को एक नए अंदाज में पर्दे पर पेश किया।
25 साल बाद फिर युवाओं पर भरोसा
एक्सेल ओरिजिन्स की घोषणा उस सोच से जुड़ी दिखाई देती है, जिसके साथ रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी। जब दोनों ने एक्सेल एंटरटेनमेंट शुरू किया था, तब वे खुद युवा उम्र में थे और अलग तरह की कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे।
दिल चाहता है इसी सोच का शुरुआती उदाहरण बनी। फरहान अख्तर ने इस फिल्म से लेखक, निर्देशक और निर्माता के तौर पर शुरुआत की थी। एक्सेल की आधिकारिक वेबसाइट भी इस फिल्म को समकालीन भारतीय सिनेमा की दिशा बदलने वाली महत्वपूर्ण फिल्म के रूप में प्रस्तुत करती है।
अब 25 साल बाद कंपनी ने इसी विचार को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश की है। एक्सेल ओरिजिन्स के जरिए ऐसे युवा रचनाकारों की तलाश की जाएगी, जिनके पास अपनी अलग कहानी और उसे कहने का अपना तरीका है।
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30 साल से कम उम्र के फिल्ममेकर्स पर फोकस
इस पहल का सबसे अहम पहलू इसकी उम्र सीमा है। एक्सेल ओरिजिन्स के तहत 30 साल से कम उम्र के फिल्ममेकर्स को अवसर देने पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें खास तौर पर युवा निर्देशक और लेखक शामिल होंगे।
पहल का उद्देश्य केवल प्रतिभाओं की पहचान करना नहीं है। चुने गए रचनाकारों को अपने विचारों को विकसित करने के लिए मंच, जरूरी संसाधन और रचनात्मक स्वतंत्रता उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।
इस तरह एक्सेल ओरिजिन्स उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है, जिन्हें अपनी पहली बड़ी फिल्म या कहानी को उद्योग के सामने लाने के लिए मंच की जरूरत है।
अलग कहानियों और नए विचारों की तलाश
एक्सेल एंटरटेनमेंट पिछले वर्षों में अलग-अलग विधाओं और विषयों पर काम करता रहा है। कंपनी की फिल्म सूची में दिल चाहता है, लक्ष्य, डॉन, जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, फुकरे और गली बॉय जैसी फिल्मों के साथ डिजिटल क्षेत्र की कई चर्चित परियोजनाएं भी शामिल रही हैं। एक्सेल ओरिजिन्स के जरिए अब इसी रचनात्मक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। पहल के तहत ऐसी कहानियों की तलाश होगी, जो पारंपरिक कहानी कहने के तरीकों से अलग हों और नए नजरिए के साथ दर्शकों के सामने आएं।
इसके दायरे में अलग-अलग विधाएं और प्रारूप शामिल किए जा सकते हैं। इसके साथ ही नए कलाकारों और दूसरे रचनात्मक प्रतिभाशाली लोगों को भी आगे आने का अवसर देने पर जोर रहेगा।
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सिर्फ फिल्में नहीं, नए रचनात्मक विचारों पर जोर
एक्सेल ओरिजिन्स का उद्देश्य केवल नई फिल्मों की सूची तैयार करना नहीं बताया गया है। इसके जरिए ऐसे मूल विचारों और रचनात्मक संपत्तियों को विकसित करने की कोशिश होगी, जिन्हें भविष्य में बड़े प्रोजेक्ट में बदला जा सके।
यह पहल लेखकों और निर्देशकों के साथ-साथ नए कलाकारों तथा अन्य रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के लिए भी संभावनाएं खोल सकती है। इससे प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर ही उद्योग के अनुभवी निर्माताओं के साथ काम करने का अवसर मिल सकता है।
रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने पिछले वर्षों में नए कहानीकारों और अलग विषयों को जगह देने की कोशिश की है। रितेश सिधवानी की आधिकारिक प्रोफाइल भी उन्हें उभरते फिल्ममेकर्स, लेखकों और प्रतिभाओं को समर्थन देने वाला निर्माता बताती है।
एक्सेल के अगले 25 साल की तैयारी
एक्सेल एंटरटेनमेंट के लिए यह पहल केवल वर्षगांठ से जुड़ी घोषणा नहीं, बल्कि कंपनी के भविष्य की रचनात्मक दिशा का संकेत भी मानी जा सकती है। 25 वर्षों में कंपनी ने सिनेमाघरों के साथ-साथ डिजिटल मंचों के लिए भी सामग्री तैयार की है। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कंपनी ने इनसाइड एज के साथ डिजिटल क्षेत्र में कदम रखा और बाद में मिर्जापुर, मेड इन हेवन, दहाड़ और बंबई मेरी जान जैसी परियोजनाओं से भी जुड़ी।
अब एक्सेल ओरिजिन्स के जरिए कंपनी अपनी अगली पीढ़ी के रचनाकारों के साथ काम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। आने वाले समय में इस पहल से कौन-कौन से नए फिल्ममेकर्स सामने आते हैं और उनके विचार किस तरह की फिल्मों या परियोजनाओं में बदलते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
एक्सेल एंटरटेनमेंट की शुरुआत जिस दौर में दो युवा फिल्म प्रेमियों ने नए विचारों के साथ की थी, उसी भावना को अब 25 साल बाद नई पीढ़ी तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। एक्सेल ओरिजिन्स की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह पहल कितनी विविध प्रतिभाओं को पहचानती है और उन्हें अपनी मौलिक कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाने का कितना अवसर देती है।
