विक्टोरिया (सेशेल्स), 28 जून 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों और सतत विकास को बढ़ावा देने में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह किसी विदेशी देश द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने रविवार को आयोजित एक विशेष समारोह में प्रधानमंत्री मोदी को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग, हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा और ब्लू इकोनॉमी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बने पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर शनिवार को सेशेल्स पहुंचे। इस यात्रा के दौरान उन्होंने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह दौरा भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, ब्लू इकोनॉमी और विकास परियोजनाओं को लेकर भी कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत हुई।
हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाने का विजन
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में हिंद महासागर क्षेत्र के भविष्य को लेकर भारत का स्पष्ट दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है जहां समुद्री सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि साथ-साथ आगे बढ़ें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की साझेदारी किसी देश के आकार पर नहीं बल्कि आपसी सम्मान, विश्वास और समानता पर आधारित है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत चाहता है कि हिंद महासागर क्षेत्र के सभी देश प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि सहयोग की भावना से आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा, “भारत ऐसे हिंद महासागर की कल्पना करता है जहां समुद्री सुरक्षा के साथ आर्थिक समृद्धि भी बढ़े। जहां हमारी साझेदारी आकार नहीं बल्कि आपसी सम्मान और विश्वास पर आधारित हो। हमारा विजन हिंद महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है।”
जलवायु परिवर्तन से प्रभावित देशों के नाम समर्पित किया सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मान को व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि उन सभी देशों को समर्पित बताया जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और समुद्री संसाधनों की रक्षा पूरी मानवता की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हमेशा छोटे द्वीपीय देशों और विकासशील राष्ट्रों के साथ खड़ा रहेगा तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए हरसंभव सहयोग जारी रखेगा।
भारत-सेशेल्स संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय स्थिरता के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को और मजबूती प्रदान करेगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती भारत की भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न देशों द्वारा लगातार दिए जा रहे सर्वोच्च नागरिक सम्मान वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा को भी दर्शाते हैं। विदेश नीति, विकास सहयोग, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक साझेदारी को लेकर भारत की सक्रिय भूमिका के कारण कई देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया है। सेशेल्स द्वारा दिया गया ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
Q1. पीएम मोदी को कौन-सा सम्मान मिला है?
उन्हें सेशेल्स का ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान मिला है।
Q2. यह सम्मान किसलिए दिया गया?
पर्यावरण संरक्षण, समुद्री सुरक्षा और सतत विकास में योगदान के लिए।
Q3. यह प्रधानमंत्री मोदी का कौन-सा अंतरराष्ट्रीय सम्मान है?
यह किसी विदेशी देश द्वारा दिया गया उनका 34वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
Q4. सेशेल्स यात्रा का उद्देश्य क्या है?
राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लेना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना।
Q5. पीएम मोदी ने सम्मान किसे समर्पित किया?
उन्होंने यह सम्मान जलवायु परिवर्तन का सामना कर रहे देशों को समर्पित किया।
