मनोरंजन डेस्क, 31 अगस्त : ‘अर्जुन रेड्डी’ सिर्फ vijay deverakonda के करियर की अहम फिल्म नहीं थी, बल्कि इसी फिल्म ने उन्हें निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा के साथ एक ऐसा रिश्ता दिया, जो आज भी उतना ही मजबूत है। फिल्म की रिलीज के कई साल बाद भी विजय इस सफर को बेहद खास मानते हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम में अभिनेता ने संदीप के साथ अपने रिश्ते, फिल्म बनाने के दौरान सामने आई मुश्किलों और उस दौर में एक-दूसरे पर रखे भरोसे को याद किया।
विजय के मुताबिक, ‘अर्जुन रेड्डी’ बनाना उनके और संदीप के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। उस समय दोनों के पास आज जैसी पहचान, प्रभाव या बड़ी प्रशंसक संख्या नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने जोखिम उठाया और एक ऐसी फिल्म बनाने का फैसला किया, जिस पर उन्हें पूरा भरोसा था।
फिल्म की सफलता ने विजय को एक अलग पहचान दी और संदीप रेड्डी वांगा को भी एक चर्चित निर्देशक के तौर पर स्थापित किया। लेकिन विजय के लिए इस सफर की सबसे बड़ी उपलब्धि सिर्फ फिल्म की सफलता नहीं, बल्कि इस दौरान संदीप के साथ बना गहरा रिश्ता है।
संदीप के लिए प्यार को शब्दों में बयां नहीं कर सकते विजय
विजय देवरकोंडा ने संदीप रेड्डी वांगा के साथ अपने रिश्ते को किसी एक रिश्ते की सीमा में बांधने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि संदीप के लिए उनके मन में मौजूद प्यार को शब्दों में बयान करना मुश्किल है।
अभिनेता ने बताया कि उनका रिश्ता केवल निर्देशक और अभिनेता का नहीं है। इसमें दोस्ती और भाईचारे जैसे कई भाव शामिल हैं, लेकिन यह इन सभी रिश्तों से भी आगे है। विजय के इस बयान से साफ है कि दोनों के बीच पेशेवर साझेदारी के साथ-साथ निजी स्तर पर भी गहरा विश्वास कायम है।
‘अर्जुन रेड्डी’ के दौरान दोनों ने जिस तरह एक-दूसरे का साथ दिया, उसने इस रिश्ते को और मजबूत किया। विजय के लिए वह समय आज भी यादगार है, क्योंकि उसी दौर में उन्होंने संदीप के साथ कई व्यक्तिगत और जीवन से जुड़े विषयों पर भी बातचीत की।
‘अर्जुन रेड्डी’ बनाना किसी जंग से कम नहीं था
विजय ने उस समय को याद करते हुए बताया कि ‘अर्जुन रेड्डी’ बनाना दोनों के लिए किसी जंग जैसी कोशिश थी। उनके सामने कई अनिश्चितताएं थीं और फिल्म की सफलता को लेकर कोई गारंटी नहीं थी।
उस समय विजय के पास भी आज जैसी लोकप्रियता नहीं थी। उन्होंने बताया कि उस दौर में उनकी पिछली फिल्म ‘पेली चूपुलु’ तक रिलीज नहीं हुई थी। ऐसे में उनके पास बड़ा प्रशंसक आधार या दर्शकों का ऐसा समूह नहीं था, जो पहले से उनका समर्थन करता।
इसके बावजूद विजय और संदीप ने जोखिम उठाया। दोनों का भरोसा फिल्म और अपनी कहानी पर था। यही विश्वास आगे चलकर फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में से एक बना और ‘अर्जुन रेड्डी’ ने रिलीज के बाद व्यापक चर्चा हासिल की।
परिवार ने भी लगाया था दोनों पर भरोसा
विजय ने ‘अर्जुन रेड्डी’ से जुड़े उस दौर का एक भावुक पहलू भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब फिल्म बनाने के लिए पैसे की कमी थी, तब संदीप के भाई प्रणय और उनके पिता ने अपनी जमीन तक बेच दी थी।
विजय के अनुसार, परिवार ने अपनी कमाई एक फिल्म में इसलिए लगाई, क्योंकि उन्हें विजय और संदीप पर भरोसा था। यह बात अभिनेता के लिए आज भी बेहद महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं था, बल्कि दो लोगों के सपने पर परिवार का विश्वास था।
विजय ने यह भी कहा कि वह संदीप के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि संदीप भी उनके लिए ऐसा ही करेगा। यह बयान दोनों के बीच मौजूद मजबूत व्यक्तिगत रिश्ते को सामने लाता है।
‘अर्जुन रेड्डी’ की याद आज भी जुड़ी है
‘अर्जुन रेड्डी’ की यादें आज भी विजय और संदीप के लिए अलग महत्व रखती हैं। विजय ने बताया कि जब भी भद्रकाली फिल्म्स का लोगो सामने आता है, तो उन्हें ‘अर्जुन रेड्डी’ का संगीत याद आ जाता है।
यह जुड़ाव केवल एक फिल्म की याद नहीं है। भद्रकाली फिल्म्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स और संदीप तथा प्रणय के साथ काम को लेकर विजय के मन में एक खास भरोसा कायम है। उन्होंने कहा कि जब भी दोनों कोई फिल्म बनाते हैं, उन्हें विश्वास रहता है कि वह सफल होगी।
इस तरह ‘अर्जुन रेड्डी’ उनके लिए केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि उस सफर का प्रतीक बन चुकी है, जिसमें संघर्ष, विश्वास, जोखिम और दोस्ती सभी शामिल रहे।
विजय की आगामी फिल्मों पर भी नजर
‘अर्जुन रेड्डी’ के बाद विजय देवरकोंडा ने दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ-साथ देशभर में अपनी पहचान मजबूत की। अब अभिनेता की आगामी फिल्मों को लेकर भी दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है।
विजय आने वाले समय में ‘राणाबाली’, ‘राउडी जनार्दना’ और ‘VDxShouryuv’ जैसी फिल्मों में नजर आएंगे। अलग-अलग परियोजनाओं के साथ उनकी आगामी सूची लगातार चर्चा में है।
वहीं, संदीप रेड्डी वांगा भी अपने बड़े फिल्मी प्रोजेक्ट्स के कारण लगातार सुर्खियों में रहते हैं। दोनों की दोस्ती और पेशेवर रिश्ते की शुरुआत ‘अर्जुन रेड्डी’ से हुई थी, लेकिन विजय की बातों से यह स्पष्ट है कि उस फिल्म का प्रभाव उनके व्यक्तिगत जीवन पर भी गहरा रहा।
‘अर्जुन रेड्डी’ की सफलता ने दोनों के करियर को नई दिशा दी, लेकिन विजय के लिए उस फिल्म की सबसे बड़ी याद शायद वह भरोसा है, जिसने उन्हें और संदीप को एक-दूसरे के और करीब ला दिया।
Live24India Analysis
विजय देवरकोंडा की बातों से स्पष्ट होता है कि ‘अर्जुन रेड्डी’ उनके और संदीप रेड्डी वांगा के लिए केवल करियर बदलने वाली फिल्म नहीं थी। फिल्म बनने के दौरान मौजूद आर्थिक और पेशेवर चुनौतियों के बीच दोनों ने एक-दूसरे पर भरोसा बनाए रखा। यही भरोसा बाद में उनके व्यक्तिगत रिश्ते की मजबूत नींव बना।
इस कहानी का महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि फिल्म के निर्माण में संदीप के परिवार ने आर्थिक जोखिम उठाया था। विजय द्वारा साझा किए गए अनुभव इस बात को सामने लाते हैं कि ‘अर्जुन रेड्डी’ के पीछे केवल एक फिल्म बनाने की कोशिश नहीं थी, बल्कि कई लोगों का विश्वास और व्यक्तिगत त्याग भी जुड़ा था।
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