- राशन किट में 2 किलो मूंग-छोले की दाल-चीनी, 1 किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी, 1 लीटर सरसों का तेल मिलेगा : CM भगवंत मान
- इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा पंजाब के लाखों गरीब और दलित परिवार को होगा : हरपाल सिंह चिमा
- पंजाब की जनता को एनएफएसए के तहत मिलने वाले गेहूं से अलग ये किट दी जाएंगी
चंडीगढ़, 23 फरवरी : पंजाब में पहली बार व्यापक स्तर पर खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूती देने के उद्देश्य से ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने आज ‘मेरी रसोई’ योजना की शुरुआत का ऐलान किया, जिसके तहत 40 लाख परिवारों को अप्रैल से तिमाही आधार पर मुफ्त फूड किट (भोजन किट) का वितरण शुरू किया जाएगा उल्लेखनीय है कि ये फूड किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दिए जाने वाले गेहूं से अलग तौर पर प्रदान की जाएंगी।
इस योजना की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार “जन कल्याण योजनाओं के लिए संसाधन जुटाना अच्छी तरह जानती है, जो पूरी ईमानदारी और दूरदर्शिता के साथ चलती है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर बच्चे के लिए पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना सिर्फ एक वादा नहीं बल्कि हमारा नैतिक फर्ज है। उन्होंने आगे कहा कि आने वाले लोक-हितैषी बजट में भी समाज के हर वर्ग के हितों का ख्याल रखते हुए लोक भलाई उपायों का दायरा और विस्तृत किया जाएगा।
मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल पंजाब के हर परिवार के लिए खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने संबंधी पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में पंजाब के शानदार योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के मेहनती और जुझारू किसानों ने अथक मेहनत से यह सुनिश्चित किया कि देश में कोई भी भूखा न सोए। उन्होंने कहा कि हमारे राज्य ने देश का पेट भरने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हालांकि पंजाब में अभी भी कुछ परिवार ऐसे हैं, जो अपनी रोजी-रोटी के लिए रोज संघर्ष करते हैं, जिनकी मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह महत्वाकांक्षी ‘मेरी रसोई योजना’ शुरू की है।
इस योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत राज्य सरकार 40 लाख परिवारों को फूड किट प्रदान करेगी। प्रत्येक किट में मासिक खपत के लिए दो किलो दाल, दो किलो चीनी, एक किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल होगा। ये फूड किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत योग्य लाभार्थियों को पहले वितरित की जा रही गेहूं से अलग तौर पर प्रदान की जाएंगी।
उन्होंने आगे बताया कि मार्कफेड इस पहल के लिए नोडल एजेंसी के रूप में काम करेगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि मार्कफेड इन किटों के वितरण के लिए नोडल एजेंसी होगी और ये किट खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा मुफ्त में सप्लाई की जाएंगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत व्यवस्था बनाई है।
पंजाब की विरासत के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबियों ने पिछले समयों में देश को अनाज संकट से बाहर निकाला था और यह पहल हमारी सरकार द्वारा लोक भलाई के लिए की जा रही लोक-हितैषी नीतियों की श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह गारंटी न तो लिखी गई थी और न ही हमारी पार्टी के मेनिफेस्टो का हिस्सा थी, लेकिन यह पंजाब के लोगों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है और हम इसे पूरा कर रहे हैं।
बच्चों और परिवारों पर इस योजना के सकारात्मक प्रभाव को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पहल यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य के हर बच्चे को पौष्टिक भोजन मिले, जो पंजाब भर में खाद्य और पोषण सुरक्षा को मजबूती देगा।
उन्होंने ऐलान किया कि इन किटों का वितरण अप्रैल में शुरू होगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अप्रैल महीने से शुरू होकर हर तिमाही के बाद इन किटों का मुफ्त वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिया कि किसी भी हालत में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पंजाब सरकार सप्लाई की जाने वाली सभी खाद्य वस्तुओं की सख्त गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि खराब गुणवत्ता या अनियमित सप्लाई संबंधी किसी भी शिकायत से सख्ती से निपटा जाएगा।
अपनी सरकार की लोक-हितैषी सोच का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए दृढ़ प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का आगामी लोक-हितैषी बजट पंजाब के लोगों के लिए भलाई उपायों को और मजबूत करेगा।

Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!
