मुंबई, 1 अक्टूबर : छोटे शहर और गांव की रोजमर्रा की जिंदगी में छिपे हास्य को अपनी खास शैली में पेश करने वाली सीरीज Duphariya Season 2 के साथ लौट आई है। धड़कपुर की दुनिया में इस बार पुराने किरदारों के साथ नई परिस्थितियां, नई महत्वाकांक्षाएं और कई अप्रत्याशित परेशानियां देखने को मिलेंगी। गांव की गॉसिप और स्थानीय घटनाओं के बीच कहानी आगे बढ़ती है और साधारण दिखने वाली परिस्थितियां बड़े हंगामे का रूप लेती हैं।
पहले सीजन में दर्शकों से जुड़ाव बनाने के बाद दूसरे सीजन में धड़कपुर के किरदारों की जिंदगी को आगे बढ़ाया गया है। इस बार कहानी में एक मोबाइल टावर, भुगोल की बढ़ती पहचान और रोशनी की परीक्षा जैसे कई नए पहलू शामिल किए गए हैं। वहीं, कलाकारों की पुरानी टोली में भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ की एंट्री भी इस सीजन का नया आकर्षण है।
मोबाइल टावर बना धड़कपुर की चर्चा का केंद्र
धड़कपुर में बनवारी की बंजर जमीन पर मोबाइल टावर का खड़ा होना कहानी की प्रमुख घटनाओं में से एक है। आम तौर पर विकास से जुड़ी दिखाई देने वाली यह घटना गांव में अलग ही तरह की हलचल पैदा कर देती है।
मोबाइल टावर को लेकर अफवाहें और तरह-तरह की अटकलें शुरू हो जाती हैं। अंधविश्वास और स्थानीय चर्चाओं के बीच यह टावर पूरे गांव के लिए चर्चा का विषय बन जाता है। सीरीज इसी घटना के जरिए यह दिखाती है कि छोटे से गांव में कोई नई चीज किस तरह सामूहिक चर्चा और हंगामे का कारण बन सकती है।
भुगोल की बढ़ती पहचान से बदले हालात
दूसरे सीजन में भुगोल की जिंदगी भी एक नए मोड़ पर पहुंचती है। धड़कपुर में अपनी पहचान बनाने के बाद उसे गांव के एक जाने-पहचाने चेहरे के तौर पर देखा जाने लगा है। बढ़ती लोकप्रियता के साथ उसके आसपास के रिश्तों और परिस्थितियों में भी बदलाव दिखाई देता है।
भुगोल की नई पहचान कहानी को एक अलग दिशा देती है। छोटे शहर या गांव में किसी व्यक्ति को अचानक अधिक तवज्जो मिलने पर उसके निजी जीवन और आसपास के लोगों पर किस तरह असर पड़ सकता है, इसे कहानी के जरिए मनोरंजक अंदाज में सामने लाया गया है।
रोशनी के सामने परीक्षा और सपनों की चुनौती
धड़कपुर की उथल-पुथल के बीच रोशनी अपनी अलग चुनौती से जूझ रही है। उसका लक्ष्य परीक्षा की तैयारी करना है और इसके लिए उसे आसपास चल रही तमाम घटनाओं के बीच अपना ध्यान बनाए रखना है।
अमावस इस सफर में उसका साथ देता है। रोशनी की कहानी सीरीज में व्यक्तिगत सपनों और छोटे शहर की परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को सामने लाती है। परीक्षा की तैयारी और धड़कपुर में लगातार होने वाले हंगामे के बीच उसका सफर कहानी का एक भावनात्मक पक्ष भी जोड़ता है।
पुराने कलाकार लौटे, निरहुआ की हुई एंट्री
‘दुपहिया’ के दूसरे सीजन में पहले सीजन से जुड़े कई प्रमुख कलाकार अपने किरदारों में वापस आए हैं। गजराज राव, रेणुका शहाणे, स्पर्श श्रीवास्तव, भुवन अरोड़ा, शिवानी रघुवंशी और यशपाल शर्मा की वापसी से धड़कपुर की पुरानी दुनिया आगे बढ़ती है।
इसके साथ ही भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ भी इस सीजन में कलाकारों की टोली का हिस्सा बने हैं। उनकी एंट्री कहानी में एक नया चेहरा जोड़ती है। पुराने कलाकारों की मौजूदगी और नए सदस्य के शामिल होने से धड़कपुर के किरदारों के बीच नए समीकरण और परिस्थितियां देखने को मिलती हैं।
रोजमर्रा की जिंदगी में हास्य का अपना अंदाज
‘दुपहिया’ की कहानी की खासियत इसकी रोजमर्रा की परिस्थितियों को मनोरंजक तरीके से पेश करने में है। पारिवारिक रिश्ते, गांव की गॉसिप, निजी सपने और स्थानीय परिस्थितियां मिलकर धड़कपुर की एक ऐसी दुनिया तैयार करती हैं, जिसमें छोटी घटनाएं भी कहानी को आगे बढ़ाने का कारण बन जाती हैं।
दूसरे सीजन में भी इसी अंदाज को बरकरार रखा गया है। नए हालात और नए किरदार कहानी में बदलाव लेकर आते हैं, जबकि धड़कपुर का स्थानीय रंग और हास्य इसकी पहचान बने रहते हैं।
‘दुपहिया’ सीजन 2 का निर्देशन सोनम नायर ने किया है। इसका निर्माण सलोना बैन्स जोशी और शुभ शिवदासानी ने बॉम्बे फिल्म कार्टेल एलएलपी के बैनर तले किया है। सीरीज की परिकल्पना और लेखन अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग ने किया है।
पहले सीजन की कहानी को आगे बढ़ाने वाला यह नया अध्याय अब विशेष रूप से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रहा है। धड़कपुर में मोबाइल टावर से पैदा हुई हलचल, भुगोल की नई पहचान, रोशनी की परीक्षा और नए सदस्य की एंट्री इस सीजन की कहानी को आगे ले जाने वाले प्रमुख पहलू हैं।

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