नेपाल, 29 अगस्त : नेपाल बाढ़ बुधवार को आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। शनिवार को कई और शव बरामद किए जाने के बाद आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 626 हो गई। वहीं, 2500 से ज्यादा लोगों के अब भी लापता होने की सूचना है। इस बीच राहत और बचाव अभियान का चौथा दिन भी जारी रहा। सुरक्षाबलों और बचाव दलों ने अब तक 2465 लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें 163 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
बाढ़ ने नेपाल के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। बस्तियों के साथ-साथ सड़कें, पुल और जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़ा बुनियादी ढांचा भी प्रभावित हुआ है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचना बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। लगातार निगरानी के बीच सेना और अन्य सुरक्षाकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं।
नेपाल बाढ़ : 8 जिलों में बरामद हुए 626 शव
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, अब तक नेपाल के आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं। इनमें चितवन से सबसे ज्यादा 233 शव मिले हैं। इसके बाद नवलपरासी पूर्व से 158, नुवाकोट से 51, गोरखा से 48, नवलपरासी पश्चिम से 47, धादिंग से 45, तनहूं से 31 और रसुवा से 13 शव बरामद किए गए हैं।
बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के दूसरे इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। तेज बहाव और बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई। बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग स्थानों पर फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए सुरक्षाबलों को अभियान चलाना पड़ा।

2465 लोगों को सुरक्षित निकाला गया
नेपाल सेना के जनसंपर्क निदेशालय के मुताबिक खोज और बचाव अभियान के तहत अब तक 2465 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें 163 विदेशी नागरिक हैं। बचाए गए विदेशी नागरिकों में 113 भारतीय, 26 चीनी और 15 दक्षिण कोरियाई नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा चार जर्मन नागरिक, इटली और अमेरिका के दो-दो नागरिक तथा ओमान का एक नागरिक भी सुरक्षित निकाला गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर और सड़क मार्ग, दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक 2265 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया, जबकि 200 लोगों को सड़क मार्ग से निकाला गया। इस अभियान में नेपाल सेना के 5000 से अधिक जवानों समेत 11000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे 191 श्रमिक भी निकाले
बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे श्रमिकों को निकालने का अभियान भी चलाया गया। नेपाल सेना के अनुसार, त्रिशूली और रसुवा क्षेत्र की अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों से 191 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
बचाकर लाए गए लोगों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए धुंचे और त्रिशूली में आपातकालीन स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। अब तक 1706 लोगों का इन केंद्रों में इलाज किया जा चुका है। राहत दल प्रभावित इलाकों में जरूरत के मुताबिक चिकित्सा और दूसरी आवश्यक सहायता पहुंचाने में जुटे हैं।
एक और बाढ़ का खतरा, राहत दलों की चुनौती बरकरार
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि कुछ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने के कारण एक और बाढ़ आने का खतरा बढ़ सकता है। इस चेतावनी के बाद प्रभावित इलाकों में निगरानी और बचाव व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखा गया है।
ऐसे में राहत और बचाव दलों के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर मलबे और बाढ़ के बीच लापता लोगों की तलाश जारी है, वहीं दूसरी ओर जलस्तर बढ़ने की आशंका के कारण बचावकर्मियों और प्रभावित आबादी की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
प्रधानमंत्री राहत कोष में 2.295 अरब नेपाली रुपये से ज्यादा
आपदा के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में भी बड़ी मात्रा में सहायता राशि पहुंच रही है। शुक्रवार रात तक कोष में 2.295 अरब नेपाली रुपये से अधिक जमा हो चुके थे। प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, बुधवार दोपहर से गुरुवार आधी रात तक महज 36 घंटे में कोष में 1.91 अरब रुपये प्राप्त हुए।
इसके बाद शुक्रवार को अकेले 38.55 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि दान की गई। वित्त मंत्रालय के मुताबिक यह रकम 10 अलग-अलग वाणिज्यिक बैंकों के खातों में जमा की गई है। राहत कोष में बढ़ती सहायता के बीच अब प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और बचाव अभियान को आगे बढ़ाने की है।
नेपाल में जारी यह आपदा अब बड़े मानवीय संकट का रूप ले चुकी है। सैकड़ों लोगों की मौत, हजारों लोगों के लापता होने और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के नुकसान के बीच बचाव अभियान लगातार जारी है। आने वाले समय में लापता लोगों की तलाश, प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना और संभावित नए बाढ़ खतरे से निपटना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी।
Live24India Analysis
नेपाल में अचानक आई बाढ़ ने बड़े मानवीय और बुनियादी ढांचे के संकट को जन्म दिया है। 626 मौतों और हजारों लोगों के लापता होने का आंकड़ा आपदा की गंभीरता को दर्शाता है। आठ जिलों से शव बरामद होना बताता है कि इसका असर एक सीमित क्षेत्र तक नहीं रहा।
बचाव अभियान में 11000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और 2465 लोगों को सुरक्षित निकाला जाना राहत प्रयासों की व्यापकता को दिखाता है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने और नए बाढ़ खतरे की चेतावनी के कारण अभियान अभी लंबा चल सकता है। राहत कोष में 2.295 अरब नेपाली रुपये से अधिक की राशि जमा होना भी आपदा के बाद सहायता जुटाने के बड़े प्रयास को दर्शाता है।

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