ज़ेरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ ने कारोबार शुरू करने और भविष्य में अपनी अलग पहचान बनाने को लेकर एक अहम विचार साझा किया है। उन्होंने बताया कि अगर उनके पास केवल 10 लाख रुपये हों और किसी से कोई संपर्क न हो, तो वह नए सिरे से शुरुआत करने के लिए कंटेंट बनाने का रास्ता चुन सकते हैं। उनके मुताबिक, शुरुआत में इस काम के लिए ज्यादा खर्च की जरूरत नहीं होती और सही माध्यम से लोगों तक पहुंच बनाने के बाद इसके आधार पर कारोबार खड़ा किया जा सकता है।
निखिल कामथ का यह विचार ऐसे समय में सामने आया है, जब कंटेंट निर्माण, तकनीक और नए कारोबार के बीच संबंध लगातार महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल कंटेंट बनाना पर्याप्त नहीं है। किसी विषय की अच्छी समझ, उसकी बारीकियों को पहचानने की क्षमता और लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का सही माध्यम व्यक्ति को दूसरों से अलग पहचान दिला सकता है।
10 लाख रुपये हों तो क्या करेंगे निखिल कामथ?
निखिल कामथ से पूछा गया कि यदि अगले दिन ज़ेरोधा का अस्तित्व समाप्त हो जाए और उनके पास केवल 10 लाख रुपये तथा अपनी समझ-बूझ हो, लेकिन किसी से कोई संपर्क न हो, तो वह क्या करेंगे।
इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि ऐसा न हो, क्योंकि जिंदगी मुश्किल हो जाएगी। अगर मेरे पास 10 लाख रुपये हों, तो मैं क्या करूंगा? कंटेंट बनाना उन कुछ कामों में से एक है, जिसे कोई भी कर सकता है। शुरुआत में इसे करने के लिए कोई खर्च नहीं होता।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि कंटेंट को लोगों तक पहुंचाने का सही माध्यम मिल जाए, तो उसके आधार पर कारोबार शुरू किया जा सकता है। यह कारोबार उपभोक्ता उत्पादों से जुड़ा हो सकता है या किसी अन्य क्षेत्र में भी विकसित किया जा सकता है। इसी वजह से उन्होंने सीमित पूंजी और बिना संपर्क के शुरुआत करने की स्थिति में कंटेंट निर्माण को संभावित विकल्प बताया।
कंटेंट से कारोबार खड़ा करने पर जोर
निखिल कामथ के विचार में कंटेंट बनाने का महत्व केवल दर्शकों या अनुयायियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, कंटेंट के जरिए लोगों तक पहुंच बनाने के बाद उसके आधार पर अलग-अलग तरह के कारोबार शुरू करने की संभावना बन सकती है।
इसमें सबसे अहम बात यह है कि कंटेंट किस विषय पर बनाया जा रहा है और वह किन लोगों तक पहुंच रहा है। किसी विषय की समझ और उसे प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
हालांकि, निखिल ने अपने जवाब में किसी निश्चित कारोबार, कमाई की गारंटी या सफलता के लिए तय समय का उल्लेख नहीं किया। उनका सुझाव एक संभावित शुरुआती रास्ते के रूप में सामने आया, जिसमें कंटेंट के जरिए लोगों तक पहुंच बनाकर आगे कारोबार विकसित करने की बात कही गई है।
एआई और ऑटोमेशन के दौर में कौशल का महत्व
निखिल कामथ ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और विनिर्माण के क्षेत्र में बढ़ते ऑटोमेशन का भी जिक्र किया। उन्होंने इस संदर्भ में युवाओं के लिए अपनी अलग पहचान बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
तकनीक और स्वचालन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह सवाल महत्वपूर्ण हो जाता है कि किसी व्यक्ति की ऐसी कौन-सी क्षमता है, जो उसे दूसरों से अलग बनाती है। निखिल के विचार में किसी विषय की गहरी समझ, उसकी बारीकियों को पहचानने की योग्यता और कंटेंट को सही माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की क्षमता महत्वपूर्ण हो सकती है।
उनकी बात का मुख्य केंद्र केवल नया कौशल सीखना नहीं, बल्कि अपनी समझ को इस तरह विकसित करना है कि उससे लोगों के लिए उपयोगी और अलग तरह का काम किया जा सके। यह दृष्टिकोण उन युवाओं के लिए प्रासंगिक है, जो अपनी क्षमताओं के आधार पर कारोबार शुरू करने के विकल्प तलाश रहे हैं।
एचयूएल और आईटीसी के उदाहरण से समझाया बदलाव
निखिल कामथ ने अपनी बात समझाने के लिए एचयूएल और आईटीसी जैसी एफएमसीजी कंपनियों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय तक इन कंपनियों पर नजर रखते थे और उनके शेयरों का मूल्यांकन काफी ज्यादा था। उनके अनुसार, पिछले एक दशक में इन कंपनियों के मूल्यांकन में कमी आई है।
इसके विपरीत, उन्होंने ऐसे नए ब्रांडों का जिक्र किया, जो कंटेंट या किसी अन्य माध्यम के जरिए उपभोक्ताओं तक अपनी पहुंच बनाने के आधार पर लोकप्रिय हो रहे हैं और अपना कारोबार बढ़ा रहे हैं।
इस उदाहरण के जरिए निखिल ने बदलते कारोबारी माहौल में लोगों तक पहुंच बनाने के महत्व को रेखांकित किया। हालांकि, उनके बयान में किसी कंपनी के मूल्यांकन से जुड़े विशिष्ट आंकड़े नहीं दिए गए हैं। इसलिए इस उदाहरण को उनके विचार के संदर्भ में ही समझना उचित होगा, न कि सभी कंपनियों के प्रदर्शन के बारे में सामान्य निष्कर्ष के रूप में।
अपनी अलग पहचान बनाना क्यों जरूरी?
निखिल कामथ के अनुसार, जैसे-जैसे विनिर्माण और तकनीक अधिक लोगों के लिए सुलभ होती जा रही हैं, वैसे-वैसे अपनी अलग पहचान बनाना अधिक महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि वह दूसरों से अलग क्या कर सकता है।
उनकी बात का सार यह है कि सीमित पूंजी के साथ शुरुआत करने वाला व्यक्ति भी कंटेंट के माध्यम से अपनी पहुंच बनाने की संभावना तलाश सकता है। लेकिन किसी विषय की समझ, उसकी प्रस्तुति और सही लोगों तक पहुंचने का माध्यम इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होंगे।
निखिल कामथ ने कंटेंट निर्माण को हर व्यक्ति के लिए निश्चित सफलता का रास्ता नहीं बताया। उन्होंने इसे ऐसा विकल्प बताया, जिसकी शुरुआत में खर्च कम हो सकता है और जिसके आधार पर आगे कारोबार विकसित करने की संभावना बन सकती है।
कम पूंजी से कारोबार शुरू करने के विकल्प तलाश रहे हैं? जानिए निखिल कामथ ने कंटेंट निर्माण और बदलती तकनीक के दौर में अपनी अलग पहचान बनाने को लेकर क्या कहा।

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