किसानों का चंडीगढ़ से धरना खत्म करने का एलान, CM मान से बैठक करने के बाद लिया फैसला
u
चंडीगढ़, 6 सिंतबर (live24India): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता मे हुई पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक मे कई बडे फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट बैठक मे किसानों का कल्याण सुनिश्चित करने और खाद्यान्न उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य के लिए एक नई कृषि नीति बनाने को मंजूरी दे दी। इस संबंध में निर्णय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उनके सरकारी आवास पर मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में पारंपरिक कृषि समाप्ति के कगार पर पहुंच गई है और अनाज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई कृषि नीति बनाने की जरूरत है। भावी पीढिय़ों के लिए भूजल संरक्षण और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए एक नई कृषि नीति की भी आवश्यकता है। बैठक में तय हुआ कि नई कृषि नीति बनाने के लिए सभी प्रमुख साझेदारों की राय ली जाएगी।
पंजाब के लिए नई शिक्षा नीति लाने पर बनी सहमति
कैबिनेट ने कौशल और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य में एक नई शिक्षा नीति लागू करने पर भी सहमति व्यक्त की। इससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जहां वे पंजाब की सामाजिक-आर्थिक प्रगति का अभिन्न अंग बनेंगे। इस नीति से राज्य में शिक्षा में गुणात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा, जिससे युवाओं को बड़े पैमाने पर लाभ होगा।
व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए ओटीएस-3 का दायरा बढ़ाया जाएगा
कैबिनेट ने पंजाब के अधिकतम व्यापारियों को लाभ पहुंचाने के लिए वैट के लंबित मामलों के निपटारे के लिए ओटीएस-3 का दायरा बढ़ाने पर भी सहमति जताई। पूरी तरह विफल रही पिछली योजनाओं की तुलना में मौजूदा योजना से कारोबारियों को फायदा हुआ है, जिससे राज्य सरकार को इस ओटीएस के जरिए पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 164 करोड़ रुपये ज्यादा की कमाई हुई है. इस योजना का दायरा बढ़ाने का औपचारिक आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा।
राज्य का राजस्व 2400 से बढ़ाकर 3000 करोड़ सालाना होगा
सरकारी राजस्व बढ़ाने के लिए, मंत्रियों के समूह ने डीजल पर वैट दर 12 प्रतिशत + 10 प्रतिशत अधिभार या 10.02 रुपये प्रति लीटर (अधिभार सहित) जो भी अधिक हो, से बढ़ाकर 13.09 प्रतिशत + 10 प्रतिशत अधिभार या 10.94 रुपये प्रति कर दिया है। लीटर (अधिभार सहित) जो भी अधिक हो, किया जाता है। इसी प्रकार, पेट्रोल पर वैट 15.74 प्रतिशत + 10 प्रतिशत अधिभार या 14.32 रुपये प्रति लीटर (अधिभार सहित), जो भी अधिक हो, से बढ़ाकर 16.52 प्रतिशत + 10 प्रतिशत अधिभार या 14.88 रुपये प्रति लीटर (अधिभार सहित) कर दिया गया है। जो भी अधिक हो, किया गया है इससे डीजल पर 92 पैसे प्रति लीटर और पेट्रोल पर 61 पैसे प्रति लीटर वैट बढ़ जाएगा। राज्य सरकार ने सात किलोवाट से अधिक लोड वाले बिजली उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी खत्म करने का फैसला किया है. इससे राज्य के राजस्व में 2400 से 3000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी होगी।
वाहनों और ऑटो-रिक्शा मालिकों को बड़ी राहत
परिवहन वाहनों और तिपहिया वाहनों (यात्री, ऑटो रिक्शा) के मालिकों को बड़ी राहत देते हुए, पंजाब कैबिनेट ने हर तिमाही के बाद कर का भुगतान करने की प्रक्रिया को खत्म करने पर सहमति व्यक्त की है, जिससे मालिकों की अनावश्यक परेशानी कम हो जाएगी। अब इन पुराने वाणिज्यिक वाहनों के मालिक अपने वाहनों के लिए वार्षिक उक्का-पक्का कर जमा कर सकेंगे, जिससे उन्हें धन, समय और ऊर्जा की बचत होगी। ऐसे नए वाहन खरीदने वालों के पास अब चार या आठ साल तक एक साथ टैक्स चुकाने का विकल्प होगा, जिस पर उन्हें क्रमश: 10 फीसदी और 20 फीसदी की रियायत मिलेगी।
ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਨੀਤੀ ਤਿਆਰ ਹੈ…ਹੁਣ ਸੂਬੇ ਦੀ ਖੇਤੀ ਨਾਲ ਜੁੜੀਆਂ ਸੰਸਥਾਵਾਂ, ਬੁੱਧੀਜੀਵੀਆਂ ਨਾਲ ਨੀਤੀ ਬਾਰੇ ਵਿਚਾਰ-ਚਰਚਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ…ਕਿਸਾਨ ਮਿਲਣੀ ਵੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਤਾਂ ਜੋ ਸੂਬੇ ਦੇ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਨੀਤੀ ਬਾਰੇ ਰਾਇ ਲਈ ਜਾ ਸਕੇ… pic.twitter.com/p1Hn9pnZDT
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) September 4, 2024
चंडीगढ़ : पंजाब यूनिवर्सिटी कानून संशोधन बिल 2023 को राष्ट्रपति ने बिना मंजूरी से राज्य सरकार को वापस भेज दिया है। यह बिल गत साल 21 जून को सर्वसम्मति से पास किया गया था। बिल के तहत सूबे की 12 स्टेट यूनिवर्सिटी की कुलपति की शक्ति राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री को दी गई थी। हालांकि अब बिल पास ने होने के चलते राज्यपाल ही अब सारी यूनिवर्सिटी के चांसलर रहेंगे।
पंजाब के राज्यपाल ने पंजाब विधानसभा की तरफ पास किए तीनों बिल भारतीय संविधान की धारा 200 अधीन भारत के राष्ट्रपति के लिए अपने पास रिजर्व रख लिए थे। इसके बाद उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी कानून संशोधन बिल 2023, पंजाब पुलिस संशोधन बिल व सिख गुरुद्वारा संशोधन बिल राष्ट्रपति के पास भेज दिए थे। पंजाब यूनिवर्सिटी संशोधन विधेयक बिल जून 2023 में पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के दौरान पारित किए गए थे। यह बिल सदन में सर्वसम्मति से पास किया गया था। इसके बाद बिल राज्यपाल के पास गए थे। हालांकि इसके बाद राज्यपाल द्वारा जून 2023 के सत्र को साफ रूप से अवैध घोषित कर दिया था। इसके बाद काफी समय तक यह बिल लंबित रहे थे। फिर इस मामले में सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई थी।
नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने उक्त सत्र को संवैधानिक रूप से वैध घोषित किया था और राज्यपाल को उस सत्र के दौरान पारित 4 बिलों पर निर्णय लेने के लिए कहा था। गत साल पंजाब कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज फरीदकोट के कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर पंजाब के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच गतिरोध हुआ था। इसके बाद पंजाब विधानसभा द्वारा यह विधेयक पारित किया गया था।
जालंधर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन पंजाब के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने राज्य में जालंधर और गुरदासपुर में दो चुनावी रैलियों को संबोधित किया। गुरुवार को उन्होंने पटियाला में रैली की थी। शुक्रवार को भी उनकी रैली को लेकर किसानों ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किया। लेकिन सुरक्षा बलों ने उनको प्रधानमंत्री की रैली की जगह तक नहीं पहुंचने दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने जालंधर की चुनावी रैली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी को नशे का सौदागर कहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- आम आदमी पार्टी ने इतना बड़ा शराब घोटाला किया है, वह पंजाब में ड्रग्स की काली कमाई में डुबकी कैसे नहीं लगाएंगे। झाड़ू पार्टी वाले नशे के होलसेलर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी हमला किया और कहा- यहां सीएम खुद फैसले नहीं ले सकते। इनके मालिक जेल गए तो पंजाब की व्यवस्था ठप पड़ने लगी। पंजाब सीएम को तिहाड़ जेल में मालिक से आदेश लेने जाना पड़ा। मोदी ने विपक्षी गठबंधन पर हमला करते हुए कहा कि इंडी गठबंधन वाले पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं।

इससे पहले गुरदासपुर की रैली में प्रधानमंत्री ने कहा- कांग्रेस जब पंजाब में सत्ता में थी, तो आदेश कहां से आते थे। रिमोट कंट्रोल किसके पास था, लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आदेश मानने से इनकार कर दिया। सैनिक होने के कारण उन्होंने राष्ट्र हितों पर चलने का फैसला किया। केंद्र के आदेश मानने से मना कर दिया। उसका परिणाम क्या हुआ, उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया। मोदी ने कहा- पंजाब का ये अपमान कोई भूल सकता है। दुर्भाग्य से आज भी पंजाब को रिमोट से चलाने की कोशिश हो रही है।
प्रधानमंत्री ने आप पर हमला करते हुए कहा- झाड़ू पार्टी ने कांग्रेस से आपातकाल का पाठ भी अच्छे से सीख लिया है। यह कांग्रेस की फोटो कॉपी पार्टी है, जो मीडिया हाउस इनकी धमकी के आगे झुक नहीं रहा उसपर मुकदमे करा रहे हैं, यही इनकी असलियत हैं। भाजपा फ्रीडम ऑफ प्रेस के खिलाफ झाड़ू वालों की बेईमानी नहीं चलने देगी। कांग्रेस और आप के संबंधों को लेकर मोदी ने कहा- यहां ये लोग एक दूसरे को गाली देते हैं और दिल्ली में गलबहियां करते हैं।
चंडीगढ़, 21 मार्च : लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही चुनावी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी अगले 5 दिनों में पांच उम्मीदवारों की घोषणा करने वाली है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर खुद इसकी जानकारी दी है।
ਅਗਲੇ ਪੰਜ ਦਿਨਾਂ ਚ ਆਮ ਆਦਮੀ ਪਾਰਟੀ ਵੱਲੋਂ ਬਾਕੀ ਪੰਜ ਲੋਕ ਸਭਾ ਦੀਆਂ ਟਿਕਟਾਂ ਦੇ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਦਾ ਐਲਾਨ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ..
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) March 21, 2024
उन्होंने लिखा कि अगले पांच दिनों में आम आदमी पार्टी बाकी पांच लोकसभा टिकटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर देगी. पंजाब में लोकसभा की 13 सीटें है। 8 सीटों पर ‘आप’ पहले ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है।
‘आप’ की तरफ से पहली सूची में जिन 8 उम्मीदवारों को टिकट दी गई है, उनमें से 5 पंजाब की भगवंत मान सरकार में मंत्री हैं। इनमें खडूर साहिब से लालजीत सिंह भुल्लर, अमृतसर से कुलदीप सिंह धालीवाल, संगरूर से गुरमीत सिंह मीत हेयर, पटियाला से डॉ बलबीर सिंह और बठिंडा से गुरमीत सिंह खुड़िया का नाम शामिल हैं. इसके अलावा जालंधर सांसद सुशील कुमार रिंकू और कांग्रेस से आम आदमी पार्टी में शामिल हुए गुरप्रीत सिंह जीपी को फतेहगढ़ साहिब से मैदान में उतारा गया है। फरीदकोट से गायक करमजीत अनमोल को टिकट दिया गया है।
जालंधर : सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पंजाब की मान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ‘दो दिन पहले हमारे घर में वाहेगुरु की कृपा से हमारा शुभदीप वापस आया था आज सुबह से मैं बहुत परेशान हूं। सोचा आपको भी इस बारे में पता होना चाहिए कि प्रशासन मुझे परेशान कर रहा है। बच्चे के जन्म को लेकर उन्हें सरकारी नियमों को लेकर परेशान किया जा रहा है। पत्नी का ट्रीटमेंट होने के बाद वो साबित करेंगे कि IVF तकनीक से पैदा हुए बच्चे के जन्म को लेकर सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। वहीं, किसी नियम या कानून का उल्लंघन नहीं किया गया।
मैं सरकार से, खासकर सीएम साहब से एक विनती करना चाहता हूं कि आप थोड़ा तरस खाओ, कम से कम ट्रीटमेंट तो पूरा होने दो।’
सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने वीडियो में कहा कि, मैं सरकार से बिनती करता हूं। खासकर CM साहब से कृपा करके आप इस बात को लेकर थोड़ा समझो। कम से कम ट्रीटमेंट तो पूरा होने दो। मैं यहीं का रहने वाला हूं और यहीं पर रहूंगा। आप जब भी मुझे बुलाओगे मैं तब हाजिर हो जाउंगा। मैं बहुत दुखी हूं। मैं जान दे सकता हूं लेकिन पीछे हटने वालों में से नहीं हूं। जब तक कानून की बात है, मेरे बेटे ने 28 साल तक उस कानून की रिस्पेक्ट की है, मैं भी करता हूं। मैं कभी भी कानून उल्लंघन नहीं करूंगा. लेकिन कभी ऐसा लगता है तो FIR करके मुझे अंदर कर देना। फिर जांच करना। जल्द ही मैं सारे डॉक्यूमेंट आपके सामने पेश करुंगा।