पौराणिक कथाओं को आधुनिक अंदाज़ में पेश करने वाली ‘महावतार सिनेमैटिक यूनिवर्स’ एक बार फिर चर्चा में है। Mahavatar Narasimha की ज़बरदस्त सफलता के बाद अब मेकर्स अपनी अगली फिल्म Mahavatar Parashuram के साथ वापसी की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में फिल्म का पहला पोस्टर जारी किया गया, जिसने दर्शकों के बीच उत्साह और बढ़ा दिया है।
इस यूनिवर्स की खास बात यह है कि यह भगवान विष्णु के दशावतारों पर आधारित कहानियों को भव्य और सिनेमैटिक रूप में प्रस्तुत करता है। लेकिन ‘महावतार नरसिम्हा’ के एंड क्रेडिट्स में दो महान संतों Ved Vyasa और Jayadeva के नाम शामिल होने को लेकर दर्शकों में जिज्ञासा देखी गई। अब इस पर फिल्म के निर्देशक Ashwin Kumar ने खुद खुलकर बात की है।
एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि आखिर इन संतों को क्रेडिट क्यों दिया गया, तो उन्होंने विस्तार से समझाया। अश्विन कुमार ने बताया कि वेद व्यास जी ने ही वेदों और पुराणों का संकलन किया, जिससे भगवान की कथाएं आज तक हम तक पहुंच पाई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ‘नमस्ते नरसिंहाय प्रहलादहलाददायिने’ जैसी आरती की रचना भी वेद व्यास जी ने की है, जो फिल्म की आत्मा से जुड़ी हुई है।
वहीं, आरती के दूसरे भाग ‘तव करकमलवरे नखमद्भुतशृंगम्’ की रचना जयदेव गोस्वामी जी ने की थी। निर्देशक के अनुसार, जयदेव जी भगवान जगन्नाथ के महान भक्त थे और उनकी रचनाएं जैसे ‘गीत गोविंद’ आज भी भक्ति साहित्य में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। अश्विन कुमार ने स्पष्ट किया कि इन महान रचनाकारों के बिना इस कहानी की आत्मा अधूरी रहती, इसलिए उन्हें क्रेडिट देना आवश्यक था।
फिल्म को Hombale Films द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि इसका निर्माण Kleem Productions के बैनर तले किया गया है। निर्माता विजय किरागांदुर और शिल्पा धवन इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं, वहीं संगीत Sam C. S. ने तैयार किया है।
कुल मिलाकर, ‘महावतार’ यूनिवर्स न केवल मनोरंजन का नया आयाम पेश कर रहा है, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को सम्मान देने का एक मजबूत प्रयास भी साबित हो रहा है।

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