- कहा – जितना सरकार दबाती थी, वाहेगुरु उन्हें ताकत देते थे
- ‘जब मुझे पता चलता था कि पुलिस मेरे खिलाफ नया केस करने वाली है, तब मैं उत्साहित हो जाता था
- 2 लाख रुपये का श्योरिटी बॉन्ड भरा गया
नाभा/जालंधर: पूर्व कैबिनेट मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया आज जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें सोमवार को बेल मिल गई थी लेकिन कुछ अर्जेंट कोर्ट प्रोसिडिंग्स की वजह से उन्हें आज जेल से रिहा कर दिया गया।
बिक्रम सिंह मजीठिया ने जेल से बाहर आते ही अपनी मूंछें मुंडवा लीं। उन्होंने सफेद कुर्ता और पायजामा पहना हुआ था। इस मौके पर सीनियर अकाली नेताओं और वर्करों ने उनके गले में सिरोपा डालकर और फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। सुबह से ही जेल के बाहर अकाली वर्करों और सपोर्टरों का हुजूम था।
उनके बाहर आते ही ‘बोले सो निहाल’ और ‘शिरोमणि अकाली दल ज़िंदाबाद’ के नारे लगने लगे। इस मौके पर हज़ारों अकाली वर्कर और सीनियर अकाली नेता पहुंचे। बिक्रम सिंह मजीठिया की एक झलक पाने के लिए आई वर्करों की भीड़ ‘बिक्रम आपके विचारों की रक्षा करेगा’ के नारे लगाने लगी।
जेल से बाहर आते ही बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ‘भगवान उन्हें ताकत देते थे जिन्हें सरकार दबाती थी।’ ‘जब मुझे पता चलता था कि पुलिस मेरे खिलाफ नया केस करने वाली है, तो मैं उत्तेजित हो जाता था। सरकार चाहती थी कि मैं मरकर बाहर आऊं। शहादत के दिनों ने मुझे बहुत ताकत दी।’ बिक्रम सिंह मजीठिया ने भगवान का शुक्रिया अदा किया।
उन्होंने कहा कि मैं ‘संतों और महापुरुषों का दिल की गहराइयों से शुक्रिया अदा करता हूं।’ मजीठिया ने कहा कि ब्यास वाले बाबा जी ने मुझ पर कृपा की है। इसके अलावा बिक्रम मजीठिया ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने 6 महीने से पंजाब के बारे में बात नहीं की है।
आपको बता दें कि मजीठिया को इनकम से ज़्यादा संपत्ति यानी DA केस में सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिल गई है। वह 2025 से नाभा जेल में बंद थे। विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें 25 जून 2025 को गिरफ़्तार किया था, जिसके बाद यह केस कानूनी और राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना रहा।

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