चंडीगढ़ : पंजाब सरकार ने राज्य भर के सभी स्कूलों में सर्दियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। यह फैसला बढ़ती ठंड और बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पंजाब के सभी सरकारी, सेमी-गवर्नमेंट और प्राइवेट स्कूलों में 24 दिसंबर, 2025 से 31 दिसंबर, 2025 तक सर्दियों की छुट्टियां रहेंगी। 1 जनवरी से दोबारा स्कूल खुलेंगे।
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मुख्यमंत्री की कुर्सी और टिकटों की खरीद-फरोख्त पर कांग्रेस नेताओं को देना होगा जवाब : नील गर्ग
चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता नील गर्ग ने नवजोत कौर सिद्धू द्वारा कांग्रेस पर मुख्यमंत्री पद के लिए 500 करोड़ रुपए और विधायक टिकटों के लिए 5-5 करोड़ रुपए की कथित ‘डीलिंग’ के लगाए गए सनसनीखेज आरोपों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
नील गर्ग ने कहा कि यह आरोप केवल चौंकाने वाले ही नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीति और लोकतंत्र पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं। उन्होंने कहा कि सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, जिन पर ये आरोप लगाए गए हैं, वह अब तक चुप क्यों हैं?
गर्ग ने कहा कि पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी सार्वजनिक रूप से दावा कर चुके हैं कि चन्नी ने मुख्यमंत्री बनने के लिए 350 करोड़ रुपए दिए थे। अगर ये सच है, तो क्या यह पंजाब की जनता के साथ धोखा नहीं है? और यदि आरोप गलत हैं, तो चन्नी साहिब सामने आकर क्यों नहीं कहते?
गर्ग ने नवजोत कौर सिद्धू द्वारा नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा पर लगाए गंभीर आरोपों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि बाजवा जैसे बड़े नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता की चुप्पी जनता में कई सवाल खड़े करती है। इतने भारी-भरकम आरोपों के बाद भी बाजवा साहिब की चुप्पी आखिर क्या संकेत देता है?
गर्ग ने स्पष्ट कहा कि पंजाब को धोखेबाजी या किसी भी तरह की ‘डील’ नहीं चाहिए। पंजाब की जनता को पारदर्शिता चाहिए। गर्ग ने चरणजीत सिंह चन्नी से इन गंभीर आरोपों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की और प्रताप सिंह बाजवा से ‘डील’ से संबंधित इल्जामों पर जवाब मांगा।
जापान और दक्षिण कोरिया का दौरा प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में नया मील का पत्थर साबित होगा : मुख्यमंत्री
चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि हाल ही में जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे के दौरान निवेशकों का मिला भरपूर उत्साह प्रदेश की औद्योगिक प्रगति में नया मील का पत्थर साबित होगा और इससे पंजाब को सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में उभारने में और तेज़ी आएगी।
जापान और दक्षिण कोरिया के दौरों के अपने अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पंजाब को दुनिया भर में उभरते हुए औद्योगिक केंद्र के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि इस दौरे का उद्देश्य प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करना और औद्योगिक विकास को गति देकर युवाओं के लिए रोज़गार के अधिक अवसर पैदा करना है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह ऐतिहासिक दौरा औद्योगिक विकास को तेज़ रफ्तार देने और उसे आवश्यक बल प्रदान करने में सहायक होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बैठक के दौरान जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर ओगावा काजूनोरी ने पंजाब के औद्योगिक और स्वच्छ ऊर्जा प्रोजेक्टों की संभावनाओं की खोज में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि वे जापानी कंपनियों के माध्यम से संभावित वित्तीय अवसरों पर तकनीकी विचार-विमर्श जारी रखने के लिए सहमत हुए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि बैंक ने पंजाब निवेश सम्मेलन के निमंत्रण का भी स्वागत किया है और इसमें भाग लेने की इच्छा जताई।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आइसन इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड के सी.ई.ओ. और ई.वी.पी. टोमोनोरी काई तथा टोरू नकाने ने भविष्य के निर्माण या अनुसंधान एवं विकास अवसरों के लिए पंजाब की संभावनाओं में सकारात्मक रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि यामाहा मोटर कंपनी लिमिटेड के ग्लोबल स्ट्रैटेजी मैनेजर और प्रोडक्ट प्लानिंग ग्रुप तनाका हिरोकी तथा सुजुकी मारी ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, अनुसंधान एवं विकास सहयोग और कौशल विकास पहलकदमियों में निवेश पर खुलकर चर्चा की। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने प्रोग्रेसिव पंजाब निवेश सम्मेलन 2026 के निमंत्रण का भी स्वागत किया और पंजाब के निवेश-अनुकूल माहौल से जुड़े रहने में रुचि दिखाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होंडा मोटर कंपनी लिमिटेड के साथ बैठक में डिपार्टमेंट मैनेजर तत्सुओ नाकामुरा और आई.टी.ओ. कियोशी ने पंजाब में भारतीय साझेदारों के माध्यम से कंपोनेंट निर्माण की संभावनाएं तलाशने की बात कही। भगवंत सिंह मान ने कंपनी को पूर्ण सुविधा और नीतिगत सहायता का भरोसा दिया तथा उन्हें पंजाब निवेश सम्मेलन 2026 के लिए निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) के दक्षिण एशिया विभाग के डायरेक्टर जनरल यामादा तत्सुओ ने तकनीकी सहयोग और क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों, विशेष रूप से फसली विविधता में पंजाब की विकास पहलकदमियों का समर्थन करने में रुचि की पुष्टि की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेआईसीए के साथ विचार-विमर्श शहरी बुनियादी ढांचे, जल प्रबंधन और कौशल विकास में संभावित सहयोग पर केंद्रित था। उन्होंने कहा कि जेआईसीए ने गहन भागीदारी और प्रोजेक्ट साझेदारी की खोज करने की इच्छा जताई। भगवंत सिंह मान ने कहा कि टोरे इंडस्ट्रीज के सीनियर वाइस प्रेज़ीडेंट हाजीमे इशी ने पंजाब के ऑटो और एयरोस्पेस सेक्टरों के लिए तकनीकी तथा टेक्सटाइल क्षेत्र में रुचि दिखाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संसदीय उप-मंत्री (अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग) कोमोरी ताकुओ ने जापानी फर्मों को इन्वेस्ट पंजाब से जोड़ने के लिए समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई। उन्होंने कहा कि फुजित्सु लिमिटेड के टेक्नोलॉजी बिज़नेस मैनेजमेंट यूनिट के प्रमुख जूंगो ओकाई ने डिजिटल गवर्नेंस सॉल्यूशंस में रुचि दिखाई और भरोसा दिया कि वे भारत में भविष्य के प्रोजेक्टों के लिए मोहाली का चयन करेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी जापान यात्रा के दूसरे दिन की शुरुआत एनईसी कॉर्पोरेशन के साथ बैठक से हुई। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल कोऑपरेशन ट्रेड डिपार्टमेंट के डायरेक्टर मकोटो नोडा और मैनेजर मिहो हारा ने पंजाब की डिजिटल पहलकदमियों और औद्योगिक ऑटोमेशन अवसरों में रुचि दिखाई तथा कंपनी सहयोग के लिए पंजाब के आई.टी. इको-सिस्टम का मूल्यांकन करने पर सहमत हुई।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बाद में दिन में 250 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें जापानी उद्योग एवं व्यापारिक संस्थाओं के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे, ने टोक्यो रोड शो में भाग लिया। उन्होंने कहा कि डी.जी. जेट्रो इंडिया सुजुकी ताकाशी की मजबूत संस्थागत भागीदारी भारत-जापान आर्थिक संबंधों के लिए उच्च स्तरीय समर्थन को दर्शाती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हीरो मोटोकॉर्प (सुमितोमो और किरियू कॉर्पोरेशन), वर्धमान स्पेशल स्टील्स (आइची स्टील) और एक्सेल स्काउट द्वारा साझा किए गए अनुभवों ने पंजाब में सफल साझेदारियों की मिसाल पेश की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुमितोमो कॉर्पोरेशन और किरियू कॉर्पोरेशन के साथ मुलाकात में कंपनी के प्रतिनिधियों शोही योशिदा, योशितो मियाज़ाकी, टोमो टोज़ावा, हिरोकी यासुकावा और कितारू शिमिज़ु ने पंजाब में हीरो मोटोकॉर्प के साथ अपने मौजूदा सहयोग के माध्यम से सकारात्मक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि वे भविष्य के प्रोजेक्टों के लिए पंजाब के औद्योगिक क्लस्टरों का मूल्यांकन करने, तकनीकी पहलकदमियों के लिए मोहाली पर विचार करने और पंजाब के साथ गहरे संबंधों का भरोसा देने पर सहमत हुए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि टोपन होल्डिंग्स के साथ बैठक में कंपनी के प्रतिनिधियों सतोशी ओइया (प्रधान) और मासाहिको ताकेवाकी (प्रबंध निदेशक) ने औपचारिक रूप से 300-400 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश के साथ अपनी पंजाब स्थित कंपनी का विस्तार करने में रुचि दिखाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टोपन और इन्वेस्ट पंजाब के बीच उद्योग की ज़रूरतों के अनुसार ‘स्किलिंग एक्सीलेंस सेंटर’ विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीयों और स्थानीय साझेदारों के साथ बैठक में लंबे समय की साझेदारी बनाने के लिए प्रवासी भारतीयों से रिश्तों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि निर्माण, तकनीक और सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रवासी भारतीयों के नेतृत्व वाले निवेश को प्रोत्साहित करने पर भी ज़ोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीसरे दिन आईची स्टील के मुख्यालय में बैठक हुई जिसमें चेयरमैन फुजियोका ताकाहिरो और प्रेसिडेंट इतो तोशिओ ने सम्मेलन के निमंत्रण का स्वागत करते हुए मजबूत रिश्तों और व्यापक निवेश में रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आईची स्टील और वर्धमान स्पेशल स्टील्स ने पंजाब में निवेश गतिविधियों का संयुक्त रूप से अध्ययन करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें 500 करोड़ रुपए के निवेश का मूल्यांकन शामिल है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि समझौते में आईची की ओर से तकनीकी सहयोग और वर्धमान की ओर से जमीन पर यूनिट की स्थापना व मंजूरियां शामिल हैं तथा राज्य सरकार ने पंजाब में मौजूदा जापानी कंपनियों को पूरा समर्थन और प्राथमिकता वाले विकास का आश्वासन दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यानमार होल्डिंग्स कंपनी लिमिटेड के साथ बैठक के दौरान सी.ओ.ओ. तेत्सुआ यामोटो, प्रेसिडेंट केमल शोशी और सी.एम.डी. वरुण खन्ना ने सोनालिका के साथ साझेदारी और क्लास प्लांट अधिग्रहण का हवाला देते हुए पंजाब में सकारात्मक अनुभव का विशेष रूप से वर्णन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कृषि-तकनीक और सहायक क्षेत्रों में विस्तार के लिए प्रगतिशील योजनाएं भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने यानमार की भावी पहलों के लिए पूरा समर्थन और सुविधा का भरोसा दिया। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे पंजाब में अनुसंधान एवं विकास स्थापना सहित गहरे संबंधों की खोज के लिए भी सहमत हुए हैं।
नई दिल्ली : जापान के उत्तर-पूर्वी तट पर सोमवार बड़ा भूकंप आया, झटके इतने तेज थे कि जापान के उत्तर और पूर्वी हिस्सों में बड़े पैमाने पर कंपन महसूस किया गया। सुनामी की चेतावनी होक्काइदो, आओमोरी और इवाते प्रान्तों के लिए जारी की गई है.
एजेंसी ने बताया कि भूकंप का केंद्र आओमोरी प्रान्त के तट से 80 किलोमीटर (50 मील) दूर, 50 किलोमीटर (30 मील) की गहराई पर था। जापान मौसम विभाग के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी गई। भूकंप रात 11:15 बजे आया।
इंडिगो संकट 7वें दिन भी जारी, 500 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल, CJI बोले- सरकार को ही मामला संभालने दें
नई दिल्ली : इंडिगो एयरलाइंस के ऑपरेशनल संकट से जूझ रहे लाखों यात्रियों को सुप्रीम कोर्ट से भी फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। बीते 7 दिनों से इंडिगो की उड़ानों का रद्दीकरण और लेटलतीफी का दौर जारी है। सोमवार को भी हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ गए, जब कंपनी ने दिल्ली और बेंगलुरु हवाई अड्डों से 250 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं। आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट से कुल 134 उड़ानें (75 जाने वाली और 59 आने वाली) और बेंगलुरु से 127 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हालात की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता के वकील ने 6 दिसंबर को सीजेआई सूर्यकांत के घर जाकर भी तत्काल सुनवाई की गुहार लगाई थी, जिसमें यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और मुआवजे की मांग की गई थी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल प्रशासन के काम में दखल न देने का फैसला किया है।शीर्ष अदालत ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत के समक्ष जब इस याचिका को तुरंत सूचीबद्ध करने की मांग की गई, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि अदालत जानती है कि लाखों लोग इस समस्या का सामना कर रहे हैं और हालात खराब हैं, लेकिन सरकार इस मामले को देख रही है, इसलिए उन्हें ही इसे संभालने दिया जाए। याचिकाकर्ता वकील ने दलील दी थी कि करीब 2500 उड़ानें विलंबित हैं और देश के 95 हवाई अड्डे इस अव्यवस्था से प्रभावित हैं, जो सीधे तौर पर नागरिकों के अनुच्छेद 21 के तहत अधिकारों का उल्लंघन है।
इस बीच, विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) ने इंडिगो प्रबंधन पर शिकंजा कस दिया है। डीजीसीए ने पायलटों की ड्यूटी से जुड़े नए FDTL नियमों के कुप्रबंधन को लेकर कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स और जवाबदेही प्रबंधक इस्द्रो पोर्क्वेरास को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नियामक ने दोनों अधिकारियों को आज शाम 6 बजे तक जवाब देने का अल्टीमेटम दिया है। डीजीसीए ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो कंपनी के खिलाफ आवश्यक और सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल देशभर के हवाई अड्डों पर यात्री अपनी उड़ानों के इंतजार में फंसे हुए हैं और एयरलाइन प्रबंधन पायलटों की कमी और रोस्टर की समस्या से जूझ रहा है।
बिग बॉस सीजन 19 का Grand Finale, पांचवें नंबर पर अमाल मलिक हुए घर से बाहर
मुंबई : रियलिटी शो बिग बॉस सीजन 19 का आज फिनाले है। शो 24 अगस्त से शुरू हुआ था और पिछले कई सीजनों की तरह इस बार भी इसे सलमान खान ने ही होस्ट किया। शो के होस्ट सलमान खान ने स्टेज पर एंट्री ली और अपने मशहूर गाने पर डांस किया। मुंबई के गोरेगांव फिल्म सिटी में चल रहे बिग बॉस सीजन 19 के ग्रैंड फिनाले में प्रणीत मोरे, तान्या मित्तल अमाल मलिक, गौरव खन्ना और फरहाना भट्ट है। पांचवे नं पर अमाल मलिक बाहर हो चुके है। अब प्रणीत मोरे, तान्या मित्तल गौरव खन्ना और फरहाना भट्ट टाप 4 में है।
भगवंत मान सरकार के डटे रहने से हरियाणा को चंडीगढ़ में अलग विधानसभा की जगह नहीं मिली : कुलदीप धालीवाल
चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (‘आप’) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने चंडीगढ़ में हरियाणा को अलग विधानसभा बनाने के लिए जगह देने की मांग को खारिज करने के केंद्र के फैसले का स्वागत किया। धालीवाल ने स्पष्ट किया कि यह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली ‘आप’ सरकार के अडिग रुख का नतीजा है, जिसके आगे केंद्र को झुकना पड़ा।
विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने स्पष्ट किया कि हरियाणा बहुत लंबे समय से चंडीगढ़ में अलग विधानसभा बनाने के लिए जगह की मांग कर रहा था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में हमारी सरकार और पार्टी पहले ही केंद्र से यह मांग कर चुकी थी कि चंडीगढ़ में हरियाणा को अलग विधानसभा बनाने के लिए जगह नहीं दी जा सकती है, क्योंकि चंडीगढ़ पंजाब का है और पंजाब की ज़मीन पर बना है।
धालीवाल ने कहा कि केंद्र द्वारा भेजा गया हालिया फैसला तभी संभव हुआ जब हमने इस पर पिछले सालों में आए मुद्दे पर डटकर स्टैंड लिया था। उन्होंने इस जीत को किसी पार्टी की नहीं, बल्कि “सभी पंजाबियों की जीत” बताया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि मुख्यमंत्री ने उस समय भारत के गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को भी इस संबंध में पत्र लिखा था।
धालीवाल ने कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का है और पंजाब का ही रहेगा। उन्होंने कहा कि यहां किसी और का कोई दावा नहीं है और न ही पंजाब किसी और का दावा मानता है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में पंजाबी भाषा को और मजबूत किया जाए, क्योंकि पंजाबी भाषा हमारी मुख्य मातृभाषा है। उन्होंने मांग की कि इसे चंडीगढ़ में भी वैसे ही लागू किया जाना चाहिए जैसे पंजाब में लागू है ।
हिमाचल सरकार की चिट्टा तस्करों को चेतावनी, सूचना देने वालों को सरकार देगी इनाम
धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश के नशा मुक्त बनाने की दिशा में आज धर्मशाला में चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान का आगाज बड़े पैमाने पर किया गया। इस जागरूकता रैली में भारी संख्या में लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए सरकार हर स्तर पर अभियान चला रही है और जनता के सहयोग से ही इस लड़ाई में जीत संभव है।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से एक सशक्त कानून लागू होने की प्रतीक्षा में था, लेकिन युवाओं को चिट्टा-मुक्त करने के लक्ष्य के साथ इस कानून को अब प्रभावी बनाया गया है। सरकार ने चिट्टा सूचना योजना की भी घोषणा की है। इसके तहत 2 ग्राम चिट्टा की सूचना पर 10 हजार रुपए का इनाम 5 ग्राम की सूचना पर 25 हजार रुपए का इनाम 25 ग्राम तक 50 हजार रुपए,1 किलो की सूचना देने पर 5 लाख रुपए तक का इनाम और एक किलो से ऊपर 10 लाख रुपए ईनाम देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति नशे के बड़े नेटवर्क को पकड़ाएगा उसे 5 लाख रुपए तक की ईनामी राशि दी जाएगी। सीएम ने कहा कि, समाज ने हमें बहुत कुछ दिया है, और समाज को लौटाना भी हमारा फर्ज है। यह आयोजन जिला में चिट्टा विरोधी व्यापक अभियान की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन ने नशे के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए कई गतिविधियाँ भी आयोजित कीं।
अभ्यास के दौरान राष्ट्रीय खिलाड़ी की मौत से हरियाणा के खेल ढांचे की खुली पोल, मुख्यमंत्री मान ने परिवार के साथ दुख किया साझा
लखनमाजरा (रोहतक) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां 16 वर्षीय राष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी के परिवार के साथ दुख साझा किया, जिसकी कल गांव के खेल मैदान में अभ्यास के दौरान अचानक बास्केटबॉल का खंभा गिरने से मौत हो गई थी।
इस घटना को पूरे देश के लिए शर्मनाक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना से पूरा खेल जगत सदमे में है। उन्होंने कहा कि राठी के माता-पिता ने सपने में भी नहीं सोचा था कि देश का नाम रोशन करने के लिए अभ्यास करने गया बेटा लाश बनकर घर लौटेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें खेलों से बहुत प्यार है, इसलिए वे मृतक खिलाड़ी के परिवार के साथ दुख की इस घड़ी में संवेदना व्यक्त करने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ग्रामीणों ने बास्केटबॉल मैदान की जर्जर हालत के बारे में कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसलिए हरियाणा सरकार को इस लापरवाही की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हादसे ने हरियाणा में जर्जर खेल ढांचे की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार भले ही खेलों के मजबूत बुनियादी ढांचे के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात बद से बदतर हैं। उन्होंने कहा कि इस गांव के 47 से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद हरियाणा सरकार ने इस गांव के खेल मैदान में कोई सुविधा नहीं दी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि सबसे दुख की बात यह है कि खेल मैदान के सुधार के लिए फंड भी जारी हो चुके हैं, लेकिन अभी तक एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया। इसके लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के बहादुरगढ़ में बास्केटबॉल पोल गिरने से 15 साल के खिलाड़ी अमन कुमार की मौत पर भी दुख जताते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय खेल मंत्रालय को देश के खेल मैदानों की वर्तमान स्थिति का पता लगाने के लिए सभी राज्यों से रिपोर्ट मांगनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो। उन्होंने कहा कि एक तरफ साल 2030 में भारत राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ खराब खेल ढांचे के कारण खेल जगत के हीरे खो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस तरह की घटनाओं पर विचार करने की जरूरत है कि क्या हम विश्व स्तरीय खेल आयोजन कराने के योग्य हैं।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए 1194 करोड़ रुपए की लागत से पूरे राज्य में 3100 से अधिक अत्याधुनिक स्टेडियम बनाने का प्रोजेक्ट लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार खेलों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी सरकार ने खेलों का बजट बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये कर दिया है। इसी तरह उभरते खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए तैयार करने के लिए लगातार तीन साल से खेलो इंडिया (खेडा वतन पंजाब दीयां) का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें लाखों खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
गुरु साहिब के जन्म से लेकर शहादत तक की यात्रा को पवित्र चित्रों और गुरुवाणी के माध्यम से प्रस्तुत करती प्रदर्शनी
मुख्यमंत्री द्वारा विरासत-ए-खालसा में श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के जीवन और शहादत को दर्शाने वाली विशेष प्रदर्शनी गैलरी का उद्घाटन
श्री आनंदपुर साहिब, 23 नवंबर : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज विरासत-ए-खालसा में “हिंद की चादर” नामक विशेष प्रदर्शनी गैलरी का उद्घाटन किया, जो नौवें सिख पातशाह श्री गुरु तेग़ बहादुर जी के जीवन और विरासत को दर्शाती है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गैलरी श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग़ बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह अद्भुत गैलरी गुरु साहिब की आध्यात्मिक और सांसारिक यात्रा का गहन चित्रण प्रस्तुत करती है।
भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस प्रदर्शनी को गहन सोच-विचार के बाद पाँच प्रमुख हिस्सों में विभाजित किया गया है: जन्म और प्रारंभिक जीवनकाल, आध्यात्मिक यात्रा, गुरुगद्दी और संभालना, धार्मिकता का मार्ग और शहादत। इस प्रकार गुरु साहिब के जीवनकाल को महत्वपूर्ण और सार्थक ढंग से दर्शाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदर्शनी के केंद्र में गुरु तेग़ बहादुर जी की युद्ध-कला को दर्शाने वाले मॉडल सजाए गए हैं, जिनमें घोड़ा, तलवारें और तीर-कमान शामिल हैं, जो युद्ध के मैदान में उनकी महारत का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि गुरु घर को समर्पित श्रद्धालु मख़न शाह लुबाना के जहाजों के ‘बेड़े’ को दर्शाने वाला ऐतिहासिक मॉडल और भाई दियाला जी की सर्वोच्च क़ुरबानी और दृढ़ता को दर्शाने वाली उबलती देग का मॉडल मुख्य आकर्षण हैं। भगवंत सिंह मान ने यह भी कहा कि प्रदर्शनी में लख़ी शाह वनजारा के पुनर्निर्मित घर को भी दर्शाया गया है, जो आकर्षण का दिलकश केंद्र है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गैलरी में गुरु साहिब के जन्म से लेकर उनकी शहादत तक की यात्रा को गहराई से प्रस्तुत करने वाले विस्तृत चित्र और गुरुवाणी की पवित्र पंक्तियाँ सजी हुई हैं, जो दर्शकों को गहन आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए श्री गुरु तेग़ बहादुर जी की महान विरासत को स्थायी बनाना है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारी पीढ़ियों को गुरु साहिब द्वारा मानवता और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए दी गई सर्वोच्च क़ुरबानी से परिचित कराना समय की आवश्यकता है।
