नई दिल्ली, 21 मार्च : बैंक अकाउंट्स फ्रीज किए जाने के मामले में कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी की तरफ से गुरुवार को बैंक अकाउंट्स फ्रीज करने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे चुनाव प्रचार के लिए अपने अकाउंट्स से पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं। इसके बाद ये कदम उठाया गया है। अकाउंट्स फ्रीज करने को लेकर कांग्रेस और सरकार के बीच तनातनी भी देखने को मिल रही है।
दरअसल, पिछले महीने इनकम टैक्स ने कांग्रेस के बैंक अकाउंट्स को फ्रीज कर दिया था। इसे लेकर काफी विवाद मचा और पार्टी ने सरकार पर जानबूझकर कार्रवाई करने का आरोप लगा दिया। हालांकि, विभाग का कहना था कि 2018- 19 के लिए इनकम टैक्स दाखिल करने में गड़बडिय़ां देखने को मिली, जिसके बाद ये कदम उठाया गया है। इनकम टैक्स ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के ऑडिटर्स ने पैसे का दुरुपयोग किया। इसने पार्टी पर टैक्स से जुड़े अपराधों में भी शामिल होने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने कहा कांग्रेस पार्टी के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए। किसी कोर्ट ने, चुनाव आयोग ने चूं तक नहीं की। किसी ने कुछ नहीं कहा। हमें देश के 20प्रतिशत लोगों ने वोट किया। हम उनका प्रतिनिधित्व करते हैं। कांग्रेस के बैंक खाते नहीं, देश के लोकतंत्र को फ्रीज किया गया है। हमारे देश में लोकतंत्र है ही नहीं। वहीं सोनिया गांधी ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज करके कांग्रेस को पंगु बनाने की कोशिश की जा रही है।
ये लोकतंत्र पर हमला है। पिछले एक महीने से हम हमारे 285 करोड़ का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। अगर हम कोई काम नहीं कर सकते तो लोकतंत्र कैसे जिंदा रहेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडऩे ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने जिस चुनावी चंदे की स्कीम को अवैध व असंवैधानिक कहा, उस स्कीम के तहत भाजपा ने हजारों-करोड़ रुपए अपने बैंक खातों में भर लिए हैं। वहीं, दूसरी तरफ मुय विपक्षी दल (कांग्रेस) का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है, ताकि हम पैसों के अभाव में बराबरी के साथ चुनाव न लड़ पाएं। यह सत्ताधारी दल द्वारा खेला गया एक खतरनाक खेल है।

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