जैकी श्रॉफ का पर्यावरण को लेकर जो सपना और सोच सालों से रही है, वह अब “मिट्टी की आवाज़”नाम की एक पहल के ज़रिए आगे बढ़ाई जा रही है। यह पहल खास तौर पर युवाओं को सक्रिय रूप से जोड़ने और उन्हें जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करने पर आधारित है।
जैकी श्रॉफ का मानना है, “अगर भविष्य युवाओं का है, तो उन्हें ही एक हरियाली भरे कल की जिम्मेदारी उठानी होगी। आज यह जिम्मेदारी उन्हीं की है। इस धरती को उनके साथ मिलकर ही सही दिशा दी जा सकती है। हमने जो गड़बड़ियां की हैं, उन्हें ठीक करना भी हमारा कर्तव्य है। आज की पीढ़ी को समझना होगा कि पीछे कितना विनाश छोड़ा जा रहा है। ‘मिट्टी की आवाज़’ सिर्फ युवाओं से बात करने की पहल नहीं है, बल्कि उनकी आवाज़ को शामिल करने की कोशिश है।”
‘मिट्टी की आवाज़’ का पहला संस्करण सूरत की पीपी सवानी यूनिवर्सिटी में आयोजित किया जाएगा। यूनिवर्सिटी के वार्षिक कॉलेज फेस्ट के तीसरे दिन को पूरी तरह पर्यावरण के नाम समर्पित किया जाएगा। इस दिन जागरूकता और संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा — जिसमें विचारोत्तेजक पैनल चर्चा, सामाजिक संदेश के साथ कॉमेडी और एक कॉन्सर्ट शामिल होगा, ताकि लोग एक साथ जुड़कर इस सोच को आगे बढ़ाएं।
इस पहल का मकसद सिर्फ बात करना नहीं, बल्कि अपने आयोजन के जरिए भी पर्यावरण का संदेश देना है। इसलिए कार्यक्रम की योजना और निर्माण में कई पर्यावरण-अनुकूल और कम कचरा पैदा करने वाले कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें छात्र केवल दर्शक नहीं, बल्कि सहयोगी, वालंटियर और सक्रिय भागीदार बनेंगे।
आयोजक ‘हार्टफुलनेस’ के साथ मिलकर पौधारोपण अभियान भी चलाएंगे, ताकि चर्चा के साथ-साथ जमीन पर ठोस काम भी हो सके।
जुड़ाव, भागीदारी और ठोस कदमों पर आधारित ‘मिट्टी की आवाज़’ एक युवा-नेतृत्व वाले आंदोलन की शुरुआत बनती दिख रही है।
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