Chandigarh
Punjab : स्कूलों और मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल को मिली बम से उड़ाने की धमकी
मोहाली : फोर्टिस हॉस्पिटल और जिले के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ईमेल के ज़रिए दी गई है। इस ईमेल में लिखा है कि मोहाली के स्कूलों और फोर्टिस हॉस्पिटल को बम से उड़ा दिया जाएगा। खास बात यह है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती हैं और यह धमकी मिलने के बाद पुलिस ने अपनी तैयारी बढ़ा दी है।
मोहाली के फेस-5 स्थित एक स्कूल समेत कई संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद तुरंत इनको खाली कराया गया। बच्चों की छुट्टी कर दी गई। साथ ही साथ बम निरोधक दस्ते को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने परिसरों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि मोहाली और चंडीगढ़ में पहले भी इसी तरह की धमकी भरे संदेश पहले भी मिल चुके हैं, जो बाद में झूठे साबित हुए। तब भी पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
मोहाली शहर के SP दिलप्रीत सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हॉस्पिटल और स्कूलों को धमकी भरे ईमेल मिले हैं। पुलिस ने एंटी-सैबोटेज टीमें तैनात कर दी हैं। हॉस्पिटल में 5 एंटी-सैबोटेज टीमें तैनात की गई हैं और प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। हॉस्पिटल में गैर-ज़रूरी सेवाओं को रोककर एंटी-सैबोटेज किया जा रहा है। इसके साथ ही स्कूलों को भी धमकी भरे ईमेल मिले हैं। टीमें वहां भी जांच कर रही हैं।
SP दिलप्रीत ने कहा कि करीब 16 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। उन्होंने कहा कि यह ईमेल पहले मिले ईमेल जैसा ही है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि मोहाली पुलिस स्कूलों और मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। मामले की पूरी जांच की जाएगी। हम पूरे प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।
दोबारा फोर्टिस अस्पताल में हुए सीएम मान भर्ती
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का खराब स्वास्थ्य के चलते अस्पताल आना-लगा हुआ है। सोमवार को ही सीएम को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया था। छुट्टी मिलने के बाद सीएम मान मोगा में ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ रैली में शामिल होने के लिए भी पहुंचे थे। इस रैली में AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल और अन्य कैबिनेट मंत्री भी मौजूद थे। रैली को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री को फिर से भारी थकावट महसूस हुई, जिसके बाद शाम को उन्हें दोबारा मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
प्रेमचंद मारकंडा एसडी कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल, जालंधर ने एजुकेशनल ट्रिप का आयोजन किया
जालंधर : प्रेमचंद मारकंडा एस डी कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल, जालंधर ने अपनी छात्राओं के लिए सुखना लेक और रॉक गार्डन, चंडीगढ़ की एक एजुकेशनल और मनोरंजक ट्रिप का आयोजन किया। इस ट्रिप में श्रीमती मोनिका शर्मा, श्रीमती रूही और सुश्री शालू साथ थीं, जिन्होंने पूरे दौरे के दौरान उचित मार्गदर्शन और देखरेख सुनिश्चित की।
सुखना लेक पर, छात्राओं ने सुंदर नज़ारों का आनंद लिया और पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के महत्व के बारे में सीखा। शांत माहौल ने रोज़ाना की पढ़ाई-लिखाई की गतिविधियों से एक ताज़ा ब्रेक दिया। रॉक गार्डन की यात्रा ने छात्राओं को औद्योगिक और घरेलू कचरे से बनी अनोखी मूर्तियों से मंत्रमुग्ध कर दिया। शिक्षकों ने नेक चंद की रचनात्मक सोच पर प्रकाश डाला और रीसाइक्लिंग और संसाधनों के स्थायी उपयोग का संदेश दिया।
यह यात्रा जानकारीपूर्ण और आनंददायक दोनों साबित हुई। छात्राएं यादगार यादों, नए सीखने के अनुभवों और प्रकृति, रचनात्मकता और ज़िम्मेदार जीवन के प्रति अधिक सराहना के साथ लौटीं। अध्यक्ष श्री नरेश बुधिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री विनोद दादा, प्रबंध समिति के अन्य सदस्यों और प्रिंसिपल डॉ. पूजा पराशर ने स्कूल इंचार्ज, श्रीमती सुषमा शर्मा और शिक्षकों के ऐसे ट्रिप आयोजित करने के प्रयासों की सराहना की।
बार-बार हार से बौखलाए कांग्रेस और अकाली दल के अध्यक्ष झूठ और बहानों का सहारा ले रहे : बलतेज पन्नू
चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के महासचिव और मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा हाल ही में हुए जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों को लेकर लगाए गए बेबुनियाद आरोपों का खंडन किया है।
सोमवार को पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पन्नू ने कहा कि कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल दोनों ही कई हलकों में उम्मीदवार खड़े करने में नाकाम रहे हैं और अब ‘आप’ पर सीटों पर कब्जा करने के झूठे आरोप लगा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने चुनावों का बहिष्कार इसलिए किया क्योंकि उसे उम्मीदवार नहीं मिले, तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ कांग्रेस की है। किसी को तो वे सीटें जीतनी ही थीं और ‘आप’ के पास हर जगह उम्मीदवार मौजूद थे।
पन्नू ने कहा कि कांग्रेस ने पहले आरोप लगाया था कि दबाव में नामांकन पत्र छीने गए, फाड़े गए या रद्द किए गए। उन्होंने आगे कहा कि जब ये बहाने फेल हो गए तो राजा वड़िंग ने अचानक दावा करना शुरू कर दिया कि कांग्रेस ने 18 सीटों का बहिष्कार किया है और ‘आप’ को इसका फायदा हुआ है। यह राजनीतिक नाकामी को छुपाने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है।
उन्होंने तरनतारन सीट का हवाला दिया, जहां ‘आप’ ने बड़े अंतर से जीत हासिल की जबकि कांग्रेस चौथे नंबर पर खिसक गई और अपनी जमानत भी जब्त करवा बैठी। पन्नू ने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कांग्रेस ने असल में मैदान छोड़ दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि राजा वड़िंग को इस बात पर भी आत्मचिंतन करना चाहिए कि क्या एससी और बीसी समुदायों के खिलाफ उनकी विवादित टिप्पणियों ने वहां पार्टी की शर्मनाक हार में योगदान दिया है।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए पन्नू ने उन दावों को खारिज किया कि विभिन्न हलकों में अकाली दल के सैकड़ों नामांकन पत्र रद्द किए गए। उन्होंने याद दिलाया कि नामांकन और जांच की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाती है।
पन्नू ने सवाल किया कि अगर उनके उम्मीदवार थे और कागज गलत तरीके से रद्द किए गए, तो उन्हें वीडियो सबूत पेश करने चाहिए। क्या ये उम्मीदवार काल्पनिक थे, या डायनासोर की तरह किसी भूले हुए युग के थे?
पन्नू ने कहा कि सच्चाई यह है कि न तो कांग्रेस और न ही अकाली दल को उम्मीदवार मिले, फिर भी उनके नेता पंजाब के अगले मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि नतीजों से पहले ही राजा वड़िंग प्रचार के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए थे, यह जानते हुए भी कि गिनती के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ सुर्खियों पर टिका हुआ है, जन समर्थन पर नहीं।
उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग और सुखबीर बादल दोनों को तरनतारन उपचुनाव समेत अपनी हारों को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जनता ने जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में भी उन्हें पूरी तरह नकार दिया है।
पन्नू ने कहा कि ये चुनाव पिछले चार सालों में ‘आप’ के शासन पर जनता की मुहर हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने ‘आप’ के काम, 600 यूनिट मुफ्त बिजली, किसानों के लिए दिन में बिजली सप्लाई, बड़े पैमाने पर सड़कों के विकास और 16 टोल प्लाजा बंद करने का समर्थन किया है।
अनियमितताओं के विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए पन्नू ने कहा कि ये पिछले कई दशकों में सबसे साफ-सुथरे चुनावों में से एक थे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने किसी भी पार्टी का पक्ष नहीं लिया। जनता ने प्रचार के लिए नहीं बल्कि काम के लिए वोट दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल 2027 में अपनी निश्चित हार को महसूस करते हुए निराशा में गलत जानकारी फैला रहे हैं। पन्नू ने कहा कि इन पार्टियों ने गांवों में अपना आधार खो दिया है। पंजाब को अकाली दल के राज में हुई बदनामी, नशे, कानूनहीनता और बेअदबी की घटनाएं याद हैं और जनता ने पहले ही उन्हें राजनीतिक हाशिये की ओर धकेल दिया है।
‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत आपत्ति और अपील दाखिले की समय सीमा कम करने के लिए उठाया कदम
चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने आज ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत आपत्ति और अपील दाखिल करने की समय सीमा कम करने के लिए पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम, 2021 में संशोधन करने को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि मंत्रिमंडल ने पंजाब आबादी देह (रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) अधिनियम, 2021 की धारा 11 में संशोधन करने पर भी सहमति दी है, जिससे विशेष समय अवधियों को ‘‘सरकार द्वारा अधिसूचित अवधि के अंदर’’ से बदल दिया जा सकेगा, जिसका उद्देश्य आपत्ति दाखिल करने और उनके निपटारे के लिए मौजूदा 90 और 60 दिनों (क्रमशः) को घटाकर 30 दिन करना है। इसी तरह अधिनियम की धारा 12(4) में संशोधन करने का निर्णय लिया गया, जिससे अपीलों के निपटारे की अवधि 60 दिनों से घटाकर 30 दिन की जा सकेगी। यह कदम आपत्तियों और अपीलों के निपटारे की प्रक्रिया में और तेजी लाएगा, जिससे जनता को काफी लाभ होगा।
प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और कारोबारों की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम में, कैबिनेट ने औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति (आईबीडीपी) 2022 में एक महत्वपूर्ण संशोधन को भी मंजूरी दी, जो आईबीडीपी-2022 के तहत वित्तीय प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए बैंक गारंटी प्रदान करने की शर्त का विकल्प है।
यह निर्णय उद्योग संगठनों की कई प्रतिनिधित्वों के बाद लिया गया है, जिन्होंने मांग की थी कि मौजूदा बैंक गारंटी की आवश्यकताएं कार्यशील पूंजी की काफी मात्रा को रोक रही हैं। पूंजी की कमी, जो औद्योगिक विस्तार, अनुसंधान एवं विकास और रोजगार सृजन के लिए उपलब्ध फंडों को सीमित कर रही थी, को एक बड़ी बाधा के रूप में पहचाना गया था।
हालिया संशोधन के तहत, स्टैंप ड्यूटी से छूट के प्रोत्साहन का लाभ उठाने के लिए, प्रोत्साहन प्राप्त संपत्ति पर बैंक गारंटी की शर्त को व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने की तारीख तक वैध फर्स्ट चार्ज से बदल दिया जाएगा। इसके अलावा, सीएलयू/ईडीसी छूट के प्रोत्साहन के लिए, बैंक गारंटी की जगह एक मजबूत तंत्र प्रस्तावित किया गया है।
यह संशोधन नीति की प्रभावी तारीख अर्थात 17/10/2022 से लागू होगा।
कैबिनेट ने गुरु नानक देव थर्मल प्लांट, बठिंडा की 253 एकड़ भूमि, जो आवास एवं शहरी विकास विभाग को हस्तांतरित की गई थी, की पुनः आवंटन को भी हरी झंडी दे दी। अब 10 एकड़ भूमि बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) स्थापना (पीएसपीसीएल को हस्तांतरण) के लिए उपयोग की जाएगी, 10 एकड़ (नए बस स्टैंड के लिए) बीडीए द्वारा रखी जाएगी और परिवहन विभाग को दी जाएगी, जो उपायुक्त बठिंडा द्वारा निर्धारित मूल्य पर भूमि की कीमत बीडीए को देगा। शेष 20 एकड़ भूमि आवासीय/व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए आवास एवं शहरी विकास विभाग द्वारा रखी जाएगी।
कैबिनेट ने नगर पालिकाओं और शहरी स्थानीय निकायों द्वारा बेची या हस्तांतरित की जाने वाली उच्च मूल्य वाली संपत्तियों, जिन्हें ‘चंक साइट्स’ के रूप में परिभाषित किया गया है, के लिए भुगतान अनुसूची में संशोधन के लिए पंजाब प्रबंधन एवं म्यूनिसिपल प्रॉपर्टीज नियम, 2021 के नियम 3 और 16(1) में संशोधन करने पर अपनी सहमति भी दी। यह निवेशकों के लिए प्रतिस्पर्धी बोली में वृद्धि करेगा और शहरी एवं विकास में महत्वपूर्ण निवेशों को आकर्षित करेगा। इसके अलावा, यह योग्य बोली लगाने वालों के पूल को बढ़ाकर बाजार प्रतिस्पर्धा को बढ़ाएगा और बोली प्रक्रिया के दौरान प्रतिस्पर्धा को तेज करेगा।
कैबिनेट ने मनरेगा पर केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा करने के लिए 30 दिसंबर, 2025 को पंजाब विधान सभा का विशेष सत्र बुलाने को भी मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल का विचार था कि संशोधनों का उद्देश्य न केवल योजना का नाम बदलना है, बल्कि योजना की मूल भावना को समाप्त करना है।
हमने कांग्रेस से चार गुना, अकाली दल से पांच गुना और भाजपा से 20 गुना अधिक सीटें जीतीं : भगवंत सिंह मान
चंडीगढ़ : पंजाब भर के ग्रामीण क्षेत्रों से निर्णायक फैसला सुनाते हुए पंजाब भर के मतदाताओं ने आम आदमी पार्टी (आप) को जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में एक बड़ा जन-फतवा दिया है, जो सत्ताधारी सरकार से ऊबने या थकने का नहीं बल्कि सरकार के बेहतर शासन की स्पष्ट समर्थन का प्रमाण है। 70 प्रतिशत से अधिक सीटों पर पार्टी की जीत एक सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में मजबूत जन-लहर की ओर इशारा करती है। यह कहते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह जन-फतवा भगवंत मान सरकार द्वारा ‘काम की राजनीति’, जिसमें ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’, सिंचाई सुधार, निर्विघ्न बिजली, सड़क निर्माण, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं आदि क्षेत्रों में विभिन्न पहलकदमियां शामिल हैं, के प्रति लोगों के गहरे विश्वास को दर्शाता है।
यह कहते हुए कि ‘आप’ ने कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा को बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस फैसले ने लोगों की सोच को स्पष्ट रूप से सबके सामने रख दिया है और ये परिणाम उनकी सरकार द्वारा जिम्मेदारी और विनम्रता की भावना से लोगों की सेवा का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं, जिसे वे इसी तरह जारी रखेंगे।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज यहां कहा कि ग्रामीण पंजाब में हाल ही में हुई ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनावों के परिणाम स्पष्ट रूप से आम आदमी पार्टी की शानदार जीत और भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए कार्यों में लोगों के विश्वास को दर्शाते हैं। मीडिया को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि इस बड़े जन-फतवे का पैमाना और प्रवृत्ति सत्ता-विरोधी नहीं, बल्कि पूरे पंजाब में सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में बह रही हवा का प्रमाण हैं।
मोहाली स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीन-चार दिन पहले ही ग्रामीण पंजाब में ब्लॉक समिति और जिला परिषद की चुनाव हुए थे, जिनके परिणाम कल ही आए हैं और अब तक के परिणामों से लगता है कि आम आदमी पार्टी ने इन चुनावों में लगभग 70 प्रतिशत सीटें जीती हैं, जो अपने आप में एक बड़ी बात है।
‘आप’ सुप्रीमो ने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर लोगों की स्पष्ट मुहर है। यह दर्शाता है कि ग्रामीण पंजाब के लोगों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली ‘आप’ सरकार के कार्यों में अपना गहरा विश्वास जताया है। राजनीतिक शब्दों में, जिसे आमतौर पर सत्ता-विरोधी फैक्टर कहा जाता है, मेरा मानना है कि इसके बजाय यह सत्ता-पक्षीय फैक्टर बन गया है। लोग सरकार द्वारा किए गए कार्यों से बहुत खुश हैं और इसलिए उन्होंने सरकार को फिर से बड़ा समर्थन दिया है।
पिछले ग्रामीण स्थानीय चुनावों से तुलना करते हुए अरविंद केजरीवाल ने बताया कि ऐसी चुनावों को अक्सर जनता की सोच के प्रारंभिक संकेत के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि साल 2013 की ब्लॉक समिति और जिला परिषद चुनाव 2012 की विधान सभा चुनावों से एक साल बाद ही हुए थे यानी ये चुनाव शिरोमणि अकाली दल के अच्छे दिनों के समय में ही हुए थे। इसी तरह 2018 की ग्रामीण चुनाव भी साल 2017 में कांग्रेस द्वारा विधान सभा चुनाव जीतने के तुरंत बाद हुए थे। उन्होंने कहा कि लेकिन वर्तमान ग्रामीण चुनाव तब हुए हैं जब आगामी विधान सभा चुनावों में महज एक साल बाकी है, जिसे मुख्य रखते हुए ये परिणाम स्पष्ट रूप से वर्तमान सरकार के कार्यों में लोगों के ठोस विश्वास और संतुष्टि को दर्शाते हैं।
पिछली सरकारों से की जा रही तुलनाओं के जवाब में ‘आप’ प्रमुख ने कहा कि ऐसे जोड़-तोड़ पूरी तरह भ्रामक हैं। उन्होंने कहा कि कल कुछ पत्रकारों ने मुझे बताया था कि 2012 में जब अकाली दल सत्ता में था तब उस समय उन्हें भी ग्रामीण स्थानीय चुनावों में बहुमत मिला था। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय और माहौल की तुलना उस समय से करना किसी भी पक्ष से सही नहीं है क्योंकि पहली बात तो उन समयों में पिछली दोनों सरकारों ने सिर्फ एक साल ही पूरा किया था, जबकि हमारी सरकार ने चार साल पूरे किए हैं। दूसरी बात यह कि हम सभी जानते हैं कि 2013 और 2018 की ग्रामीण चुनाव पूरी तरह जबरदस्ती के अधीन हुए थे और इन चुनावों या वोटों की गिनती की कोई वीडियोग्राफी नहीं हुई थी। इसलिए जो कुछ हुआ वह धक्केशाही और जबरदस्ती से हुआ।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हाल ही में हुए चुनाव पूरी तरह पारदर्शी, स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से करवाए गए हैं, जिन दौरान पूरी पोलिंग प्रक्रिया और वोटों की गिनती की वीडियोग्राफी की गई। उन्होंने कहा कि मैं आपके सामने ठोस सबूत रख रहा हूं कि ये चुनाव कितने निष्पक्ष और पारदर्शी थे।
विस्तृत आंकड़ों का हवाला देते हुए ‘आप’ प्रमुख ने कहा कि पंजाब भर में 580 सीटें ऐसी हैं जो 100 से कम वोटों के अंतर से जीती गई हैं, और इन 580 सीटों में से ‘आप’ ने 100 से कम वोटों के अंतर से 261 सीटें जीती हैं, जबकि विपक्षी पक्ष ने 319 सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग या दबाव बनाने की कोई बात होती तो सिर्फ डीसी या एसडीएम को एक फोन कॉल करने से विपक्ष द्वारा जीती गई 319 सीटें आसानी से हमारे पक्ष में जा सकती थी, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया, क्योंकि हम लोगों की सच्ची भावना और सोच देखना चाहते थे।
अरविंद केजरीवाल ने उदाहरण देते हुए कहा, “जिला परिषद चुनावों में, संगरूर जिले के फग्गवाला जोन से कांग्रेस महज 5 वोटों से जीती है। श्री मुक्तसर साहिब में, कोट भाई जोन से कांग्रेस सिर्फ 41 वोटों से जीती। ऐसी बहुत सारी उदाहरण हैं। ब्लॉक समितियों में, फतेहगढ़ साहिब के लखनपुर वार्ड में, कांग्रेस ने 3 वोटों से जीत प्राप्त की। जालंधर के गिल में, कांग्रेस ने 3 वोटों से जीत प्राप्त की। लुधियाना के बाजरा में, कांग्रेस ने 3 वोटों से जीत प्राप्त की। गुरदासपुर के चग्गूवाल में, कांग्रेस 4 वोटों से जीती। होशियारपुर के घोड़ेवाहा (टांडा) में, कांग्रेस ने 4 वोटों से जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि जब एक, दो, तीन या चार वोटों के अंतर से सीटें जीती जा रही हैं तो क्या इससे बड़ा कोई सबूत हो सकता है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, स्वतंत्र और निष्पक्ष थी।
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि इतने करीबी परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि सरकार का चुनाव प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं था। उन्होंने कहा, “किसी सत्ताधारी पार्टी द्वारा अगर चुनाव प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप किया जाए तो एक, चार या पांच वोटों से तय सीट को बदलना कोई बड़ी बात नहीं होती। इसलिए, इससे स्पष्ट हो जाता है कि लोगों ने वर्तमान सरकार के कार्य का वास्तव में समर्थन किया है।”
पंजाब में ‘आप’ का क्लीन स्वीप! जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में दर्ज की प्रचंड जीत
चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में पार्टी को बड़ा जनादेश देने के लिए पंजाब के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने इस नतीजे को ‘आप’ सरकार के शासन और जन-पक्षीय नीतियों का स्पष्ट समर्थन बताया।
चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने पंजाब के लोगों को चुनावों के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि 14 तारीख को हुए मतदान हाल के समय में सबसे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष स्थानीय निकाय चुनावों में से एक थे, जो सुचारू रूप से और बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुए।
अरोड़ा ने कहा कि जिस तरह से नतीजे लगातार आ रहे हैं, उसके मुताबिक आम आदमी पार्टी के पक्ष में एकतरफा जनादेश साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वह लोकतंत्र को मजबूत करने और सुशासन में विश्वास जताने के लिए सभी पंजाबियों को बधाई देते हैं।
उन्होंने ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, पार्टी नेताओं, विधायकों, उम्मीदवारों और खासतौर पर समर्पित वालंटियर्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत ‘आप’ सरकार की पिछले कुछ सालों की कार्यप्रणाली और जमीनी स्तर पर वालंटियर्स की अथक मेहनत का नतीजा है।
जिला परिषद चुनावों में पूरे पंजाब के कुल 354 जोनों में से इस कॉन्फ्रेंस के दौरान 71 जोनों के नतीजे घोषित किए गए थे, जो आम आदमी पार्टी की मजबूत बढ़त को दर्शाते थे। ‘आप’ ने 60 जोनों में जीत दर्ज की, जो भारी बहुमत को दर्शाती है, जबकि कांग्रेस ने 7 जोन जीते। शिरोमणि अकाली दल ने 1 जोन, निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 और भाजपा ने 1 जोन में जीत हासिल की।
अरोड़ा ने कहा कि घोषित जिला परिषद के लगभग 85% नतीजे ‘आप’ के पक्ष में आए हैं, जो पार्टी की नीतियों और नेतृत्व में लोगों के विश्वास को साफ दर्शाते हैं।
ब्लॉक समिति चुनावों में पूरे पंजाब के कुल 2,863 ब्लॉकों में से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस तक 1,275 ब्लॉकों के नतीजे घोषित किए गए थे। ‘आप’ ने 867 ब्लॉकों में जीत हासिल की, जो घोषित नतीजों का लगभग 68% है। कांग्रेस ने 216 ब्लॉक, शिरोमणि अकाली दल ने 129, निर्दलीय उम्मीदवारों ने 63 और भाजपा ने 20 ब्लॉकों में जीत दर्ज की।
इसे ‘आप’ की एकतरफा जीत करार देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि हालांकि बैलेट पेपरों से गिनती एक धीमी प्रक्रिया है, लेकिन रुझान स्पष्ट तौर पर आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार की नीतियों की ओर पंजाब के झुकाव को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी पिछले चार सालों के दौरान ‘आप’ सरकार द्वारा किए गए कामों को लेकर जनता की कचहरी में गई थी और पंजाब के लोगों ने सरकार के शासन पर मुहर लगा दी है।
अमन अरोड़ा ने मतदाताओं का उनके भरपूर समर्थन के लिए धन्यवाद किया और सभी विजेता जिला परिषद व ब्लॉक समिति सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ‘आप’ पंजाब की उम्मीदों को पूरा करने के लिए ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ काम करना जारी रखेगी।
‘आप’ ने मनरेगा कमजोर करने के केंद्र के कदम की निंदा की, ग्रामीण मजदूरों पर बुरे असर को किया उजागर
चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने महात्मा गांधी नेशनल रूरल एंप्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा) को खत्म करने और इसकी जगह तथाकथित विकसित भारत गारंटी फॉर एंप्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) लाने के केंद्र सरकार के कदम की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे देशभर के ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों, सम्मान और रोजी-रोटी की सुरक्षा को कमजोर करने के इरादे से उठाया गया “सोचा-समझा कदम” बताया है।
‘आप’ पंजाब के प्रवक्ता नील गर्ग ने पार्टी नेता सफल हरप्रीत सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद से मोदी सरकार लगातार खोखले नारों और सियासी नाटकों पर निर्भर रही है। अब यह सरकार समाज के सबसे गरीब वर्गों के लिए बनाई गई कल्याणकारी गारंटियों को योजनाबद्ध तरीके से खत्म कर रही है।
गर्ग ने कहा कि यह सिर्फ नाम बदलने या महात्मा गांधी का नाम हटाने का मामला नहीं है। असली मुद्दा यह है कि केंद्र ने दरअसल मनरेगा के खात्मे का ऐलान कर दिया है और टीवी बहसों व ध्यान भटकाने वाली चीजों की आड़ में अपना मजदूर विरोधी एजेंडा छुपाने की कोशिश कर रहा है।
गर्ग ने चेतावनी दी कि 12 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण मजदूर, जिनके पास फिलहाल मनरेगा जॉब कार्ड हैं, इस नए बिल से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। भले ही सरकार काम के गारंटीशुदा दिन 100 से बढ़ाकर 125 करने का दावा कर रही है, लेकिन प्रस्तावित कानून की बारीकियां एक खतरनाक हकीकत को उजागर करती हैं।
गर्ग ने कहा कि नए बिल की धारा 68 काम की गारंटी नहीं देती, बल्कि इसमें काम देने से इनकार करने की बात शामिल है। उन्होंने बताया कि इसमें कहा गया है कि खेती के सीजन के 60 दिनों के दौरान रोजगार देने की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। सवाल यह है कि यह कौन तय करेगा कि किसी मजदूर को खेती में काम मिला या नहीं? उसका परिवार उन 60 दिनों में कैसे गुजारा करेगा?
मनरेगा के तहत रोजगार की मांग का आकलन जमीनी स्तर पर होता था, जिसमें मजदूर सीधे पंचायत या सरपंच के पास पहुंचते थे। गर्ग ने सवाल किया कि अब ग्रामीण मजदूर रोजगार कैसे हासिल करेंगे?
क्या एक गरीब मजदूर को अब काम के लिए प्रधानमंत्री के पास पहुंचना पड़ेगा? उनका तो सरपंच तक पहुंचना भी मुश्किल था। यह नीति रोजगार को जमीनी स्तर से पूरी तरह काट देती है और सारी शक्ति दिल्ली में केंद्रित कर देती है।
गर्ग ने चेतावनी दी कि रोजगार गारंटी को कमजोर करने से लेबर मार्केट में बाढ़ आ जाएगी, जिससे ग्रामीण मजदूरों का शोषण बढ़ेगा। मनरेगा ने यह सुनिश्चित किया था कि एक मजदूर ईमानदारी से रोजी-रोटी कमा सके और घर का चूल्हा जलता रखे। यह नई योजना उस बुनियादी सम्मान पर सवाल खड़ा करती है।
‘आप’ प्रवक्ता ने उजागर किया कि नया बिल संघीय सिद्धांतों को बुरी तरह कमजोर करता है। पहले केंद्र 90% खर्च उठाता था, जबकि राज्य 10% का योगदान देते थे। नई योजना के तहत यह बोझ 60:40 के अनुपात में बदल जाएगा, जिससे पहले से वित्तीय संकट झेल रहे राज्य और गहरे संकट में धंस जाएंगे।
अब केंद्र तय करेगा कि किस राज्य को कितना काम और फंडिंग मिलेगी। पिछले 12 सालों से देखा गया है कि मोदी सरकार विपक्ष शासित राज्यों के साथ कैसे भेदभाव करती आ रही है। पंजाब खुद इससे पीड़ित है, क्योंकि उसके आरडीएफ जैसे फंड अभी भी रोके हुए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर राज्यों को केंद्र द्वारा तय फंड से ज्यादा रोजगार की जरूरत पड़ती है, तो उन्हें 100% खर्च खुद उठाना होगा, जिससे बड़े पैमाने पर ग्रामीण रोजगार असंभव हो जाएगा।
पंजाब सरकार की ओर से शहीदी सभा के अवसर पर संगत के लिए व्यापक इंतजाम : मुख्यमंत्री
चंडीगढ़ : फतेहगढ़ साहिब की पावन धरती पर शहीदी सभा के अवसर पर छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी की महान कुर्बानी को नमन करने के लिए दुनिया भर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए किए गए प्रबंधों की विस्तार से जानकारी देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज बताया कि संगत के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, आवागमन, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य इंतजाम व्यापक स्तर पर किए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई कठिनाई न आए।
आज यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि संगत की बड़ी आमद को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि 20 आम आदमी क्लीनिक और 5 डिस्पेंसरी स्थापित की जा रही हैं जहां विशेषज्ञ डॉक्टर और अन्य स्टाफ मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों और डिस्पेंसरियों के लिए दवाइयां तथा अन्य सामान की व्यवस्था कर ली गई है।
दशमेश पिता साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की महान कुर्बानी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे साहिबजादों द्वारा अंतर्मन की आवाज के अनुसार धर्म अपनाने के मानवीय अधिकार की रक्षा के लिए दी गई अनुपम कुर्बानी मानव इतिहास में अनूठी घटना है। उन्होंने कहा कि सिख इतिहास में इस कुर्बानी को ‘छोटी जिंदगियों’ के ‘बड़े साके’ के नाम से याद किया जाता है। इस साके को हुए भले ही तीन शताब्दियों से अधिक समय बीत गया हो, लेकिन समूचे सिख जगत द्वारा इसकी पीड़ा आज भी बड़ी तीव्रता से महसूस की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पंजाब सरकार द्वारा शहर में संगत के आने-जाने के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देने हेतु ‘इंटर सिटी शटल बस सेवा’ शुरू की जाएगी और शहीदी सभा के दौरान 200 शटल बसें तथा 100 ई-रिक्शा संगत के लिए तैनात होंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये बसें और ई-रिक्शा बाहर से आने वाली संगतों को पार्किंग स्थलों से गुरुद्वारा साहिब और अन्य स्थानों तक ले जाएंगे। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए इस बार गूगल कंपनी की सेवाएं भी प्राप्त की जा रही हैं जो फतेहगढ़ साहिब आने वाली सड़कों पर ट्रैफिक की स्थिति के बारे में सटीक जानकारी देगी ताकि किसी सड़क पर अधिक ट्रैफिक होने की स्थिति में तुरंत वैकल्पिक प्रबंध किए जा सकें। उन्होंने बताया कि वाहनों के ठहराव के लिए पांच बड़ी पार्किंग और 16 छोटी पार्किंग बनाई गई हैं।
शहीदी सभा के अवसर पर लोगों की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 3300 से अधिक पुलिस जवान संगतों की सहायता के लिए ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है जहां संगत की सुविधा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 0176-3232838 भी जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि शहर की प्रमुख जगहों पर 300 सी.सी.टी.वी कैमरे लगाए जा रहे हैं ताकि समाज विरोधी तत्वों पर पैनी नजर रखी जा सके। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूरे शहर पर ड्रोन गिद्ध की तरह नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि मोबाइल सेवाओं को सुचारू रखने के लिए मोबाइल कंपनियों द्वारा अस्थायी तौर पर टावर स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 60 एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड गाड़ियां तैनात होंगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की सफाई का काम सबसे महत्वपूर्ण होता है जिसके लिए विभिन्न जिलों से मशीनरी मंगवाकर सफाई करवाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सफाई के लिए वॉलंटियरों की टीमें तैनात होंगी जो शिफ्टों में दिन-रात ड्यूटी निभाएंगी ताकि शहर की पवित्रता बनाए रखी जा सके।
मुख्यमंत्री मान ने अधिकारियों को शहीदी सभा के दौरान पुख्ता प्रबंध करने के दिए आदेश
चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अधिकारियों को श्री फतेहगढ़ साहिब में 25 से 27 दिसंबर को शहीदी सभा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता प्रबंध करने के आदेश दिए हैं। आज यहां शहीदी सभा के लिए किए जा रहे प्रबंधों का जायजा लेने के लिए मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि इस पवित्र धरती पर नतमस्तक होने के लिए लगभग 50 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस महान धरती पर साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह जी ने माता गुजरी जी के साथ बेमिसाल शहादत दी थी। उन्होंने कहा कि संगत के लिए किए जा रहे प्रबंधों में सुरक्षा व्यवस्था और पवित्र शहर की सफाई पर अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सड़कों की मरम्मत के लिए पहले ही फंड आवंटित कर दिए हैं और निर्धारित समय में काम पूरा किया जाना चाहिए।
मुख्य मंत्री ने कहा कि संगत की बड़ी आमद को ध्यान में रखते हुए पूरे जिले को सेक्टरों में विभाजित कर देना चाहिए और हर सेक्टर की निगरानी पुलिस तथा सिविल प्रशासन के अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिले में 300 मोबाइल शौचालय स्थापित किए जाएं और प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस तथा अग्निशमन वाहन तैनात किए जाएं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। भगवंत सिंह मान ने कहा कि शहर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 200 ई-रिक्शा और 200 शटल बसें तैनात की जानी चाहिए जो मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान करेंगी।
मुख्य मंत्री ने कहा कि पवित्र नगरी में सफाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ संगत की सहायता के लिए पार्टी तथा सिविल सोसाइटी के वॉलंटियर्स को सेवा पर लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहर के सभी कोनों में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए ताकि कस्बे में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा सके। एक अन्य मुद्दे पर बात करते हुए भगवंत सिंह मान ने यह भी कहा कि पवित्र नगरी में 20 आम आदमी क्लीनिक (ए.ए.सी.) स्थापित किए जाने चाहिए ताकि लोगों के लिए जरूरत पड़ने पर मानक उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्य मंत्री ने जिला सिविल तथा पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि वे शहर के आसपास आवश्यक संख्या में पार्किंग स्थल सुनिश्चित करें ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को शहीदी सभा के दौरान शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए आवश्यक संख्या में सफाई मशीनें, सीवरेज सफाई मशीनें, सुपर सक्शन मशीनें तथा आवश्यक संख्या में कर्मचारियों को तैनात करने के लिए भी कहा। भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को सभी विभागों का साझा कंट्रोल रूम स्थापित करने के भी निर्देश दिए जिसमें एक टोल फ्री नंबर हो ताकि जरूरत पड़ने पर लोग उनसे संपर्क कर सकें।
मुख्य मंत्री ने कहा कि यह पवित्र धरती न केवल सिखों के लिए बल्कि समूची मानवता के लिए प्रेरणा स्रोत है क्योंकि दुनिया भर से संगतें हर साल छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी के शहीदी दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए यहां नतमस्तक होती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी कि शहीदी सभा के दौरान संगतों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे इस काम की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करेंगे ताकि इसे समयबद्ध ढंग से पूरा करना सुनिश्चित किया जा सके क्योंकि इस पवित्र धरती पर साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी के साथ माता गुजरी जी की शहादत ने सदियों से पंजाबियों को अन्याय, जुल्म और जबर के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया है।
मुख्य मंत्री ने कहा कि छोटे साहिबजादों ने छोटी उम्र में महान कुर्बानी दी जिसकी मिसाल दुनिया के किसी भी इतिहास में नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि हर साल शहीदी सभा के दौरान लाखों की संख्या में संगत इस स्थान पर आती है, इसलिए प्रदेश सरकार द्वारा इस शहर को नया रूप दिया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रदेश सरकार इस पवित्र स्थान पर आने वाली संगत की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उचित व्यवस्था बनाई जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यहां आने वाली संगत को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
