फिरोजपुर, 15 अगस्त : फिरोजपुर कैंट बोर्ड स्टेडियम में 80वें आज़ादी दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और पंजाब सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि साल 2026 पंजाब की महिलाओं के लिए आर्थिक आज़ादी और सशक्तिकरण का साल है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार ने महिलाओं, युवाओं, किसानों, विद्यार्थियों और जरूरतमंद परिवारों के लिए कई योजनाएं लागू की हैं।
मुख्यमंत्री ने हुसैनीवाला पहुंचकर शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव समेत अन्य राष्ट्रीय नायकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की आज़ादी की लड़ाई में बड़ी भूमिका निभाई और 1947 के बंटवारे की सबसे बड़ी कीमत भी पंजाब ने चुकाई।
महिलाओं के लिए आर्थिक आज़ादी का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अब तक 74.59 लाख महिलाओं का पंजीकरण हुआ है। इनमें से 65.62 लाख महिलाओं के बैंक खातों में 2,274 करोड़ 42 लाख रुपये की सम्मान राशि पहुंचाई जा चुकी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना है, ताकि वे अपनी जरूरतों के लिए मिलने वाली राशि का इस्तेमाल अपनी इच्छा के अनुसार कर सकें। उन्होंने बाकी पात्र महिलाओं से भी पंजीकरण करवाने की अपील की।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव का दावा
शिक्षा क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अब देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि 882 विद्यार्थियों ने नीट, 361 ने जेईई मेन्स और 64 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा पास की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021 में सरकारी स्कूलों से केवल 80 विद्यार्थी नीट परीक्षा पास कर सके थे।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर, फिनलैंड और अहमदाबाद भेजा जा रहा है। वहीं ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ के माध्यम से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर देने का दावा किया गया।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का बिना नकद भुगतान वाला इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उनके मुताबिक, अब तक तीन लाख से अधिक मरीज इस सुविधा के तहत करीब 1,100 करोड़ रुपये का इलाज करवा चुके हैं। प्रदेश में 1,090 आम आदमी क्लीनिक चल रहे हैं।
किसानों और नहर सिंचाई को लेकर सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने खेतों तक नहर का पानी पहुंचाने के लिए 7,200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उनके अनुसार, नहर सिंचाई के अधीन रकबा 2022 में 26 प्रतिशत के आसपास था, जो अब 80 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
उन्होंने दावा किया कि पहले 20 लाख 89 हजार एकड़ क्षेत्र को नहर का पानी मिलता था, जबकि अब यह क्षेत्र बढ़कर 60 लाख 30 हजार एकड़ हो गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहली बार 1,587 गांवों के खेतों तक भी नहर का पानी पहुंचा है, जहां पहले यह सुविधा नहीं थी।
कृषि क्षेत्र में गन्ने का भाव 416 रुपये प्रति क्विंटल होने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे देश में सबसे अधिक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि मार्च 2022 से पंजाब में 1.83 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है, जिससे करीब छह लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

नशे के खिलाफ कार्रवाई और युवाओं को रोजगार
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया। उन्होंने कहा कि ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के 500 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान नशा तस्करी से जुड़े 56,394 मामले दर्ज किए गए और 75,000 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया।
उन्होंने बताया कि गांवों और वार्डों में डिफेंस कमेटियां बनाई गई हैं और करीब 1.25 लाख स्वयंसेवक नशे के खिलाफ अभियान में काम कर रहे हैं। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने सीमा पार से नशे की तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन व्यवस्था का भी उल्लेख किया।
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने मेरिट के आधार पर 69 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने नियुक्तियों में पारदर्शिता का दावा करते हुए इसे ‘नो कैश, नो फरमाइश’ व्यवस्था से जोड़ा।
खेल, सड़क सुरक्षा और पंजाब के भाईचारे पर जोर
मुख्यमंत्री ने खेलों के लिए 1,744 करोड़ रुपये के बजट का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ‘खेडां वतन पंजाब दीयां’ का चौथा सीजन 5 सितंबर को बठिंडा से शुरू होगा। उन्होंने पंजाब से जुड़े खिलाड़ियों की राष्ट्रीय स्तर पर भूमिका का भी जिक्र किया।
सड़क सुरक्षा फोर्स को लेकर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इसने 25 हजार से अधिक लोगों को प्राथमिक सहायता दी और 35 हजार से अधिक घायलों को अस्पताल पहुंचाया। उनके अनुसार, सड़क हादसों में होने वाली मौतों की दर में 50 प्रतिशत से अधिक कमी आई है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब की शांति और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है और प्रदेश की एकता तथा भाईचारे को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का जवाब दिया जाएगा।
समारोह में पंजाब पुलिस, बीएसएफ, पंजाब आर्म्ड पुलिस, हिमाचल पुलिस, पंजाब होम गार्ड्स, एनसीसी और स्काउट्स एंड गाइड्स की टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया। विद्यार्थियों ने पीटी शो, गिद्धा, भांगड़ा और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाती झांकियां भी समारोह का हिस्सा रहीं।
मुख्यमंत्री ने अंत में पंजाब को शहीदों के सपनों के अनुरूप खुशहाल और समृद्ध बनाने का संकल्प दोहराया। समारोह में मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, डीजीपी गौरव यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य मौजूद रहे।
