नई दिल्ली : लोकसभा ने विकसित भारत- जी राम जी विधेयक पारित किया। यह विधेयक, बीस साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम-मनरेगा-2005 का स्थान लेगा। विधेयक का उद्देश्य विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीण विकास ढांचा स्थापित करना है। इस विधेयक के तहत, प्रत्येक वित्त वर्ष में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक सौ पच्चीस दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा का स्थान लेने वाले वीबी-जी-राम-जी विधेयक पर बुधवार मध्यरात्रि तक चली चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि इस विधेयक के माध्यम से महिला, युवा, गरीबों की जिंदगी बदलने का काम कर बापू के आदर्शों को जिंदा रखने का काम किया गया है। यह गरीबों की जिंदगी बदलेगा और आदर्श ग्राम की स्थापना करेगा जिसमें लोगों को सभी प्रकार की सुविधाएं उनकी पहुंच में होगी। उन्होंने कहा कि हम किसी से भेदभाव नहीं करते हैं। बापू हमारी प्रेरणा और श्रद्धा हैं। पूरा देश हमारे लिए एक है। हमारे विचार संकीर्ण और संकुचित नहीं है।
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मनरेगा की जगह लेगा ‘विकसित भारत-जी राम जी’, 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की मिलेगी गारंटी
नई दिल्ली : मनरेगा की जगह रोजगार गारंटी के लिए सरकार ने अब नई योजना लाने का फैसला लिया है। उसका नाम है ‘जी राम जी’यानी गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण है। आज इससे जुड़े बिल को सरकार ने लोकसभा में पेश कर दिया है। नए बिल में कहा गया है कि इसका उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। इसमें मनरेगा के 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी।
इधर कांग्रेस ने सरकार के फैसले का विरोध किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर नया कानून बनाने की तैयारी के बीच सोमवार को कहा कि आखिर इस योजना से महात्मा गांधी का नाम क्यों हटाया जा रहा है। उन्होंने संसद में गतिरोध को लेकर यह दावा भी किया कि ऐसा लगता है कि सरकार ही सदन नहीं चलाना चाहती।
