अबोहर, 1 नवंबर : पंजाब में महिलाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए शुरू की गई मांवां-धियां सत्कार योजना के तहत एक बार फिर बड़ी संख्या में लाभार्थियों के बैंक खातों में सम्मान राशि पहुंचाई गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 1 नवंबर को अबोहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पंजाब की 37.43 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में कुल 1,291 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने योजना के विस्तार, पंजीकरण और आने वाली किस्तों को लेकर भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य इस योजना के दायरे में एक करोड़ महिलाओं को शामिल करना है। 29 अक्टूबर 2026 तक 80.05 लाख महिलाएं योजना के तहत पंजीकरण करवा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। उनके मुताबिक, योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें अपने फैसले स्वयं लेने के लिए वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान करना है।
37.43 लाख से अधिक महिलाओं को मिली सम्मान राशि
अबोहर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब भर की 37.43 लाख से अधिक माताओं और बहनों के बैंक खातों में 1,291 करोड़ रुपये की सम्मान राशि भेजी गई है। उन्होंने इस पहल को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को मजबूत करना भी है। उनके अनुसार, महिलाओं के हाथों में सीधे पैसा पहुंचने से वे अपनी जरूरतों और प्राथमिकताओं के संबंध में स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकेंगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि योजना का लाभ राजनीतिक भेदभाव के बिना हर योग्य महिला तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि इस योजना में परिवार के आधार पर कोई बंदिश नहीं रखी गई है। यदि एक परिवार में तीन योग्य महिलाएं हैं तो तीनों को इसका लाभ मिल सकता है।
अब तक 3,934.80 करोड़ रुपये बांटने का दावा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने योजना के तहत अब तक वितरित की गई राशि का विवरण भी साझा किया। उन्होंने बताया कि सरकार पहले ही 76.35 लाख महिलाओं को 2,643.71 करोड़ रुपये की सहायता दे चुकी थी। अब 1,291 करोड़ रुपये की नई राशि ट्रांसफर होने के बाद कुल वितरित वित्तीय सहायता 3,934.80 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, योजना के तहत सालाना 12,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एक करोड़ महिलाओं को इस पहल से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
पंजीकरण प्रक्रिया में सहयोग के लिए सरकार ने जमीनी स्तर पर भी व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 1,37,723 सत्कार सखियां पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने में जुटी हुई हैं। इनके योगदान के लिए 51.30 करोड़ रुपये मान-भत्ते के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा पंजीकरण प्रक्रिया में शामिल आंगनवाड़ी वर्करों को भी 25 करोड़ रुपये का लाभ दिया जाएगा।
1 दिसंबर और 1 जनवरी को आएगी अगली किस्त
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आगामी भुगतान को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना की अगली किस्त 1 दिसंबर को जारी की जाएगी। इसके बाद नए साल के तोहफे के रूप में 1 जनवरी को एक और किस्त दी जाएगी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहली जनवरी को सभी पंजीकृत महिलाओं के बैंक खातों में तीन महीने की सहायता राशि एकमुश्त जमा करवाई जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि तब तक योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या एक करोड़ के लक्ष्य तक पहुंच जाएगी।
इस घोषणा के बाद योजना के तहत पंजीकरण करवा चुकी महिलाओं के लिए आगामी भुगतान की तारीखों को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक लाभार्थी को मिलने वाली व्यक्तिगत राशि का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है।
सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कार्यक्रम में महिलाओं की वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य सरकार की अन्य योजनाओं और विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों, नहरों और स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 54 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं। इसके अलावा आम आदमी क्लिनिक स्थापित किए गए हैं और उनके अनुसार राज्य के 90 प्रतिशत घरों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिल रही है।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि साल 2021 में सरकारी स्कूलों के 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई। मुख्यमंत्री ने नहरी सिंचाई के विस्तार की जानकारी देते हुए दावा किया कि नहरी पानी से सिंचित क्षेत्र 2022 के 20.89 लाख एकड़ से बढ़कर 60.30 लाख एकड़ हो गया है।
राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा की आलोचना भी की। उन्होंने कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद और अकाली दल की राजनीतिक स्थिति को लेकर टिप्पणियां कीं। ये सभी राजनीतिक दावे और आकलन मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान रखे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अब योजना के तहत 1 दिसंबर और 1 जनवरी को होने वाले भुगतान पर लाभार्थियों की नजर रहेगी।




