मुंबई, 20 अगस्त : अभिनय की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के बाद शाज़ान पदमसी ने अब संगीत के क्षेत्र में भी कदम रख दिया है। उनका पहला मूल गीत और डेब्यू सिंगल ‘रातां कालियां’ रिलीज हो गया है। इस गीत के साथ शाज़ान ने गायिका के रूप में अपनी नई रचनात्मक यात्रा की शुरुआत की है।
अब तक पर्दे पर अलग-अलग किरदारों के जरिए दर्शकों से जुड़ने वाली शाज़ान पदमसी इस बार अपनी आवाज और भावनाओं के माध्यम से सामने आई हैं। ‘रातां कालियां’ उनके लिए केवल संगीत की शुरुआत नहीं, बल्कि अपनी व्यक्तिगत भावनाओं और अनुभवों को गीत के रूप में व्यक्त करने का नया माध्यम भी है।
अभिनय के बाद संगीत में नई शुरुआत
शाज़ान पदमसी ने अपने अभिनय करियर के जरिए दर्शकों के बीच पहचान बनाई है। अब उन्होंने अपनी कलात्मक यात्रा का विस्तार करते हुए संगीत को भी इसका हिस्सा बनाया है। ‘रातां कालियां’ के जरिए वह पहली बार बतौर गायिका श्रोताओं के सामने आई हैं।
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माइक्रोफोन के पीछे उनकी यह शुरुआत उनके लिए एक नया अनुभव है। गीत में उनकी आवाज के साथ उनके भावनात्मक पक्ष को भी सामने लाने का प्रयास किया गया है। शाज़ान के मुताबिक, संगीत उनके लिए हमेशा से अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का व्यक्तिगत माध्यम रहा है।
इस डेब्यू के साथ उन्होंने अभिनय से अलग अपनी रचनात्मक पहचान का एक नया पहलू दर्शकों के सामने रखा है।
प्यार के बदलते मायने को बयां करता है गीत
‘रातां कालियां’ की कहानी प्यार को समझने और महसूस करने की भावनात्मक यात्रा पर आधारित है। गीत में उस एहसास को सामने रखा गया है, जिसमें इंसान शुरुआत में प्यार के भीतर भरोसे और सहारे की तलाश करता है, लेकिन समय के साथ रिश्ते और प्रेम के गहरे अर्थों को समझने लगता है।
गीत का भाव यह बताने की कोशिश करता है कि प्यार केवल किसी खालीपन को भरने का नाम नहीं है। इसके बजाय सच्चा प्यार वह जुड़ाव है, जिसमें व्यक्ति खुद को सुरक्षित, स्वतंत्र और सहज महसूस कर सके।
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इसी भाव के कारण यह गीत शाज़ान के लिए व्यक्तिगत महत्व रखता है। इसमें प्रेम को केवल एक भावुक अनुभव के रूप में नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और अपने वास्तविक व्यक्तित्व को स्वीकार करने वाली भावना के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
शाज़ान के लिए बेहद निजी है ‘रातां कालियां’
अपने संगीत पदार्पण के बारे में शाज़ान पदमसी ने कहा कि संगीत उनके लिए हमेशा अभिव्यक्ति का बेहद व्यक्तिगत माध्यम रहा है। उनके अनुसार, ‘रातां कालियां’ उनके लिए इसलिए खास है क्योंकि यह गीत एक ईमानदार भावनात्मक अनुभव से निकला है।
उन्होंने बताया कि समय के साथ प्यार को लेकर उनकी समझ में बदलाव आया है और यह गीत उसी बदलाव को व्यक्त करता है। अब तक वह मुख्य रूप से दूसरों की कहानियों का हिस्सा बनकर किरदार निभाती रही हैं, लेकिन इस गीत के जरिए उन्होंने अपनी कहानी को अपनी आवाज दी है।
शाज़ान ने इसे अपनी कलात्मक यात्रा का ऐसा अध्याय बताया, जिसमें वह सिर्फ कलाकार या प्रस्तोता के रूप में मौजूद नहीं हैं, बल्कि अपनी भावनाओं और अनुभवों को खुद रचनात्मक रूप दे रही हैं।
अपनी कहानी को आवाज देने की कोशिश
‘रातां कालियां’ शाज़ान पदमसी के लिए इसलिए भी अलग है क्योंकि इसमें उनके जीवन, अनुभवों और प्रेम को लेकर बदली सोच की झलक दिखाई देती है। अभिनय में जहां कलाकार किसी और के किरदार और कहानी को अपनी प्रस्तुति से जीवंत करता है, वहीं संगीत के इस सफर में शाज़ान ने अपनी भावनाओं को केंद्र में रखा है।
उनके अनुसार, इस गीत के माध्यम से वह अपनी जिंदगी और अनुभवों से जुड़ी सच्ची बातों को संगीत में पिरोने की कोशिश कर रही हैं। यही वजह है कि यह गीत उनके लिए एक सामान्य संगीत परियोजना के बजाय व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का माध्यम बन गया है।
इससे उनके रचनात्मक सफर में एक नया आयाम जुड़ता दिखाई देता है, जहां अभिनय के साथ संगीत भी उनकी कलात्मक पहचान का हिस्सा बन रहा है।
संगीत में नए सफर की शुरुआत
‘रातां कालियां’ के रिलीज के साथ शाज़ान पदमसी ने अपने करियर में एक नया अध्याय शुरू किया है। इस गीत में उनकी अभिनय पृष्ठभूमि और संगीत के प्रति रुचि के बीच एक नया जुड़ाव देखने को मिलता है।
बतौर गायिका उनकी यह पहली प्रस्तुति आगे उनके संगीत सफर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। फिलहाल ‘रातां कालियां’ के जरिए शाज़ान ने यह साफ कर दिया है कि उनकी रचनात्मक पहचान केवल अभिनय तक सीमित नहीं है।
यह डेब्यू उनके लिए अपनी भावनाओं, अनुभवों और कलात्मक सोच को सीधे श्रोताओं तक पहुंचाने का अवसर है। अब देखना होगा कि संगीत की दुनिया में उनका यह नया सफर आगे किस रूप में आकार लेता है।
