US, इज़राइल और ईरान के बीच 40 दिनों के तनाव के बाद हुए सीज़फ़ायर के पीछे अब कई नए खुलासे हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, ईरान ने इस अहम फ़ैसले के लिए 10 मुख्य शर्तें रखी थीं, जिन्हें मानने के बाद ही US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सीज़फ़ायर के लिए राज़ी हुए थे। समझौते पर बातचीत 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में शुरू होगी। US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 अप्रैल की डेडलाइन से पहले सीज़फ़ायर का ऐलान कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, ईरान की पहली शर्त यह थी कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी मिलिट्री कार्रवाई तुरंत रोके। दूसरी बड़ी शर्त आर्थिक पाबंदियों में ढील देने से जुड़ी थी, जिससे ईरान की इकॉनमी को बड़ा झटका लगा था।
तीसरी शर्त के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत शुरू करने पर ज़ोर दिया गया, ताकि भविष्य में टकराव से बचा जा सके। चौथी शर्त में इस इलाके में US के मिलिट्री बेस की संख्या कम करने की मांग की गई।
पांचवीं और छठी शर्तों में, ईरान ने अपने तेल एक्सपोर्ट पर लगी रोक हटाने और इंटरनेशनल मार्केट में फिर से एंट्री की मांग की। इसके साथ ही, सातवीं शर्त के तौर पर, ईरान ने गारंटी मांगी कि वह भविष्य में उसके खिलाफ कोई मिलिट्री एक्शन नहीं लेगा।
आठवीं शर्त में रीजनल पार्टनर्स के काम में दखल न देने की बात कही गई, जबकि नौवीं शर्त में कैदियों की अदला-बदली शामिल थी। दसवीं और आखिरी शर्त के तौर पर, ईरान ने अपनी सॉवरेनिटी और अंदरूनी मामलों में दखल न देने का पक्का भरोसा मांगा।
एनालिस्ट्स का मानना है कि ये शर्तें ईरान की स्ट्रेटेजिक सोच को दिखाती हैं, जहां वह मिलिट्री टकराव के बजाय इकोनॉमिक और डिप्लोमैटिक फायदे पाने पर फोकस कर रहा है।
हालांकि इन सभी शर्तों की ऑफिशियली पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह साफ है कि सीजफायर कोई आसान फैसला नहीं था। इस समझौते में यूनाइटेड नेशंस और दूसरी इंटरनेशनल पार्टियों की भूमिका भी अहम थी।
इस डेवलपमेंट से मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि असली टेस्ट अब शुरू होता है—क्या दोनों देश लंबे समय तक शांति बनाए रख सकते हैं।
ईरान की 10 शर्तें जिनके लिए ट्रंप सीज़फ़ायर के लिए राज़ी हुए
यह पक्का किया जाना चाहिए कि ईरान पर फिर कभी हमला न हो
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ पर ईरान का कंट्रोल बना रहेगा
यह मानना होगा कि ईरान यूरेनियम को सुरक्षित रख सकता है
देश पर लगाए गए सभी प्राइमरी और सेकेंडरी बैन हटाए जाने चाहिए
ईरान स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ खोलने के लिए तैयार है, लेकिन इस रास्ते से गुज़रने वाले हर जहाज़ को $2 मिलियन की फ़ीस देनी होगी
यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल में ईरान के ख़िलाफ़ प्रस्ताव कैंसिल किया जाना चाहिए
बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स का प्रस्ताव भी कैंसिल किया जाना चाहिए
ईरान को युद्ध में हुए नुकसान का मुआवज़ा दिया जाना चाहिए
US आर्म्ड फ़ोर्स को वापस बुला लिया जाना चाहिए
युद्ध हमेशा के लिए खत्म होना चाहिए।

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