नई दिल्ली, 12 अगस्त : अभिनेता क्रांति प्रकाश झा ने अपनी अभिनय यात्रा को लेकर एक दिलचस्प खुलासा किया है। आज डिजिटल मनोरंजन जगत में अपने दमदार और गंभीर किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले क्रांति ने बताया कि अभिनय कभी उनके करियर की पहली पसंद नहीं था। उनका असली लक्ष्य संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करके भारतीय पुलिस सेवा में जाना था।
क्रांति के मुताबिक, अभिनय की दुनिया में उनका प्रवेश किसी सुनियोजित योजना का हिस्सा नहीं था। यही वजह है कि वह खुद को मजाकिया अंदाज में ‘एक्सीडेंटल एक्टर’ कहते हैं। उनके करियर की कहानी इस बात की मिसाल है कि जिंदगी कई बार उस दिशा में ले जाती है, जिसके बारे में इंसान ने पहले से कोई योजना नहीं बनाई होती।
बचपन से फिल्मों के शौकीन थे क्रांति
दिलचस्प बात यह है कि अभिनय को करियर न मानने के बावजूद फिल्मों से क्रांति का रिश्ता बचपन से ही गहरा रहा। वह अपने भाई के साथ फिल्मों के बेहद शौकीन थे और एक साल में करीब 250 फिल्में तक देखने की बात याद करते हैं।
दोनों भाई सिर्फ फिल्में देखते ही नहीं थे, बल्कि देखी गई फिल्मों का रिकॉर्ड भी नोटबुक में रखते थे। इस तरह सिनेमा उनके जीवन में शुरू से मौजूद रहा, लेकिन उस समय उन्होंने यह नहीं सोचा था कि यही रुचि आगे चलकर उनके पेशे में बदल जाएगी।
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हिंदू कॉलेज के थिएटर ने बदली दिशा
कॉलेज के दिनों में क्रांति प्रकाश झा हिंदू कॉलेज की थिएटर गतिविधियों से जुड़े। कॉलेज का थिएटर वातावरण उनके लिए अभिनय और मंच की दुनिया को करीब से समझने का अवसर बना।
क्रांति ने बताया कि इम्तियाज अली और विशाल भारद्वाज जैसे चर्चित फिल्मकार उनके कॉलेज थिएटर समूह से वरिष्ठ रूप में जुड़े रहे हैं। हालांकि, उस समय भी उनका लक्ष्य अभिनेता बनना नहीं था। वह प्रोडक्शन और नाटक से जुड़ी गतिविधियों में अपनी भूमिका निभाते रहे।
यही अनुभव आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और प्रदर्शन क्षमता के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। थिएटर ने उन्हें मंच पर काम करने, लोगों के सामने खुद को प्रस्तुत करने और अलग-अलग किरदारों को समझने का अवसर दिया।
UPSC और IPS था असली लक्ष्य
क्रांति प्रकाश झा ने साफ तौर पर कहा कि कॉलेज के दौरान उनका सबसे बड़ा लक्ष्य यूपीएससी की परीक्षा पास करना था। वह भारतीय पुलिस सेवा में अधिकारी बनना चाहते थे।
कॉलेज में फैशन शो में हिस्सा लेने के बावजूद उन्होंने इसे भी अभिनय की दिशा में बढ़ने की शुरुआत नहीं माना। उनके अनुसार, उन्होंने फैशन शो इसलिए किए क्योंकि लोगों ने उन्हें बताया था कि वह अच्छे दिखते हैं।
इससे स्पष्ट होता है कि मनोरंजन जगत से जुड़ी कई गतिविधियों के बावजूद उस समय क्रांति का करियर लक्ष्य बिल्कुल अलग था। उनके लिए प्रशासनिक सेवा की तैयारी ही प्राथमिकता थी।
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दोस्तों की सलाह से पहुंचे मुंबई
क्रांति के जीवन में बड़ा बदलाव तब आया, जब उनके दोस्तों ने उन्हें यूपीएससी की अगली तैयारी शुरू करने से पहले कुछ समय मुंबई में बिताने के लिए प्रेरित किया।
मुंबई पहुंचने के बाद उन्हें फिल्म और लेखन जगत से जुड़े रितेश शाह और स्वानंद किरकिरे का महत्वपूर्ण सहयोग मिला। क्रांति के अनुसार, दोनों ने शुरुआती दौर में उन्हें रहने और खाने जैसी बुनियादी जरूरतों में मदद की और ऑडिशन तक पहुंचने में साथ दिया।
एक नए शहर में बिना किसी निश्चित करियर योजना के शुरुआत करना आसान नहीं होता। ऐसे समय में मिले इस सहयोग ने क्रांति को अभिनय की दुनिया को गंभीरता से समझने और नए अवसर तलाशने का मौका दिया।
किस्मत पर भरोसा करते हैं क्रांति
क्रांति प्रकाश झा अपनी इस यात्रा को केवल करियर बदलाव के तौर पर नहीं देखते। वह इसे किस्मत और परिस्थितियों से जोड़ते हैं। उन्होंने अपने जीवन के इस मोड़ को याद करते हुए कहा कि वह हमेशा ‘जो राम रची रखा’ में विश्वास करते रहे हैं।
उनके लिए यह बदलाव अचानक जरूर था, लेकिन धीरे-धीरे अभिनय ही उनकी पहचान बनता चला गया। यूपीएससी की तैयारी से शुरू हुई उनकी राह उन्हें थिएटर, ऑडिशन और फिर स्क्रीन तक ले गई।
रक्तांचल समेत कई भूमिकाओं से बनाई पहचान
क्रांति प्रकाश झा ने डिजिटल मनोरंजन के क्षेत्र में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी पहचान मजबूत की है। रक्तांचल जैसे प्रोजेक्ट में उनके काम को दर्शकों और समीक्षकों से सराहना मिली।
उनकी अभिनय शैली की खासियत यह रही है कि वह केवल एक तरह के किरदार तक सीमित नहीं रहे। गंभीर, जटिल और परतदार भूमिकाओं में उनकी मौजूदगी ने उन्हें डिजिटल मंच के चर्चित कलाकारों में जगह दिलाई है।
आज जब वह लगातार अलग-अलग परियोजनाओं में दिखाई दे रहे हैं, तब उनकी पुरानी कहानी और भी दिलचस्प लगती है। जिस व्यक्ति का शुरुआती लक्ष्य पुलिस सेवा में जाना था, उसने आखिरकार कैमरे के सामने अपनी अलग पहचान बना ली।
आगे की राह भी है दिलचस्प
क्रांति की कहानी यह दिखाती है कि करियर का रास्ता हमेशा सीधी रेखा में आगे नहीं बढ़ता। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, थिएटर और फिर अभिनय—इन सभी पड़ावों ने उनकी यात्रा को अलग दिशा दी।
फिलहाल उनका अभिनय करियर लगातार आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में वह किन नई भूमिकाओं में दिखाई देंगे, इसकी जानकारी संबंधित परियोजनाओं की आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही स्पष्ट होगी। इतना जरूर है कि उनकी कहानी उन युवाओं के लिए दिलचस्प उदाहरण है, जो अपने करियर को लेकर एक तय योजना बनाते हैं, लेकिन परिस्थितियां उन्हें किसी बिल्कुल अलग मंजिल तक पहुंचा देती हैं।
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