चंडीगढ़, 29 जुलाई : पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में गुरुवार को खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर बढ़ने लगे। उन्हें रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की घटनाएं भी सामने आईं।
प्रदर्शन की अगुवाई ‘अकाली दल वारिस पंजाब दे’ के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने की। पार्टी के उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह अयाली के अनुसार, सभी कार्यकर्ता पहले मोहाली स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा अंब साहिब में एकत्र हुए। वहां अरदास के बाद शांतिपूर्ण मार्च शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचकर अपनी मांगों को सरकार के सामने रखना था।
बैरिकेड तोड़कर चंडीगढ़ में दाखिल हुए प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर पुलिस ने बड़े पैमाने पर सुरक्षा इंतजाम किए थे। कई स्थानों पर भारी बैरिकेड, कंटीले तार और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे और कुछ स्थानों पर बैरिकेड हटाकर चंडीगढ़ की सीमा में प्रवेश कर गए। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का सहारा लिया। शहर में पहले से लागू धारा 163 के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
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शहर की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित
प्रदर्शन का असर चंडीगढ़ की यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। चंडीगढ़ पुलिस ने एहतियात के तौर पर कई सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया और लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों की क्या हैं प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिखों की रिहाई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की अवधि समाप्त होने के बाद भी अमृतपाल सिंह को रिहा नहीं किया गया।
मनप्रीत सिंह अयाली ने आरोप लगाया कि अमृतपाल सिंह जेल में रहते हुए लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने, लेकिन अब तक केवल शपथ ग्रहण के लिए ही संसद जा सके हैं। उनका यह भी दावा है कि सांसद निधि (MPLADS) का उपयोग नहीं हो पाने से खडूर साहिब क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
अमृतपाल सिंह को अप्रैल 2023 में पंजाब पुलिस ने मोगा से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया और उन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजा गया। 22 अप्रैल 2026 को NSA की अवधि समाप्त होने के बाद उनकी रिहाई की संभावना बनी थी, लेकिन अगले ही दिन पंजाब पुलिस ने उन्हें 2023 के अजनाला थाना हमला मामले में दोबारा गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल वह इसी मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
आगे क्या
प्रदर्शन के बाद चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखे हुए है। वहीं, प्रदर्शनकारी संगठन अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति बनाने की तैयारी कर रहे हैं। यदि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कोई बातचीत नहीं होती है तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
Live24India Analysis : चंडीगढ़ का यह प्रदर्शन केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीति में अमृतपाल सिंह के बढ़ते प्रभाव और उनके समर्थकों की सक्रियता का भी संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर सरकार और प्रदर्शनकारी संगठनों के रुख पर सभी की नजर रहेगी।
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