नई दिल्ली : इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को नियमित करने के लिए केवल कानूनों का प्रयोग ही नहीं, बल्कि तकनीकी-कानूनी दृष्टिकोण भी अपनाना होगा। दावोस में विश्व आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। श्री वैष्णव ने डीप फेक जैसी समस्याओं से निपटने के लिए मजबूत तकनीकी उपकरणों की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि भारत ऐसी प्रौद्योगिकियां विकसित कर रहा है, जिससे डीप फेक की पहचान की जा सके और एआई मॉडल का प्रयोग करने से पहले उचित सतर्कता सुनिश्चित की जा सके। श्री वैष्णव ने बताया कि देश वैश्विक लागत के एक तिहाई पर सरकारी सब्सिडी वाले ग्राफिक प्रोसेसिंग यूनिट-जी.पी.एस उपलब्ध कराकर ए.आई का लोकतंत्रीकरण भी कर रहा है।

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