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Home पंजाबमुख्यमंत्री मान ने “फास्ट्रैक पंजाब पोर्टल” के दूसरे चरण की शुरुआत की, निवेशकों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी 173 सेवाएं
पंजाब

मुख्यमंत्री मान ने “फास्ट्रैक पंजाब पोर्टल” के दूसरे चरण की शुरुआत की, निवेशकों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी 173 सेवाएं

by live24india November 21, 2025
by live24india November 21, 2025 0 comments 44 views Share
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चंडीगढ़ : पंजाब को निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने तथा औद्योगिक क्षेत्र को बड़ा बूस्ट देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज “फास्ट्रैक पंजाब पोर्टल” के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से 173 सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति और तेज होगी।

समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने प्रदेश के शासन में पारदर्शिता और कुशलता लाने के लिए “सिंगल विंडो विद ए सिंगल पैन” प्रणाली शुरू की है, जिससे प्रदेश की औद्योगिक नीति एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि एक कलम छड़ी से ज्यादा ताकत रखती है, क्योंकि यह सही फैसले लेने और रचनात्मक प्रशासन का रास्ता प्रशस्त करती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि “डीम्ड अप्रूवल का कॉन्सेप्ट भी पेश किया गया है ताकि उद्योगों को बिना किसी देरी के समय पर मंजूरियां मिल सकें। यह पंजाब को निवेशक-अनुकूल राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में फास्ट्रैक पंजाब पोर्टल के जरिए 9 विभागों से संबंधित 47 सेवाएं चल रही हैं और प्रभावी समन्वय एवं निगरानी के कारण आवेदनों की पेंडेंसी दर शून्य हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश से उद्योगों के पलायन को पूरी तरह रोक दिया गया है, जिसके चलते 1.40 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश आकर्षित हुआ है और विभिन्न क्षेत्रों में लगभग पांच लाख नौकरियों के अवसर पैदा हुए हैं। भगवंत सिंह मान ने बताया कि राज्य सरकार व्यवसाय करने की सुगमता के लिए विभिन्न भागीदारों के साथ निकट समन्वय से काम कर रही है।

उद्यमिता के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब के युवाओं से नौकरी ढूंढने वाले बनने की बजाय खुद का उद्यम स्थापित कर नौकरी देने वाले बनने का आह्वान किया। इस सोच के समर्थन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उभरते उद्यमियों को वित्तीय सहायता, ऋण और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रही है। शिक्षा सुधारों में प्रगति को रेखांकित करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने अपनी शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं ताकि विद्यार्थियों में सकारात्मक, आत्मविश्वासी और प्रगतिशील मानसिकता को प्रोत्साहित किया जा सके और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार किया जा सके।

व्यवसायियों को किसानों के बाद दूसरा “अन्नदाता” बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों की आजीविका और आर्थिक विकास बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने गर्व के साथ पंजाब की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि भारत की चार प्रमुख खेलों हॉकी, क्रिकेट, फुटबॉल और बास्केटबॉल – की राष्ट्रीय टीमों की कप्तानी इस समय पंजाबी कर रहे हैं, जो प्रदेश के उत्कृष्ट खेल कौशल और नेतृत्व भावना को दर्शाता है। भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लोगों के मेहनती और साहसी स्वभाव की सराहना की और बताया कि हाल के बाढ़ों में पांच लाख एकड़ फसली क्षेत्र को नुकसान होने के बावजूद पंजाब ने केंद्रीय पूल में रिकॉर्ड 150 लाख मीट्रिक टन चावल का योगदान दिया है।

पंजाब को एक भाग्यशाली भूमि बताते हुए, जहां कोई भूखा नहीं सोता, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भाईचारे की सेवा की झलक लंगर और स्वैच्छिक प्रयासों में दिखती है, जो इसकी अनुपम मानवतावादी भावना को दर्शाती है। उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब हमेशा देश का किला बना रहा है और यह भारत की हिम्मत, लचीलापन और एकता का प्रतीक रहा है। भगवंत सिंह मान ने लोगों से छोटे-मोटे मुद्दों से ऊपर उठकर पंजाब की समग्र प्रगति के लिए सामूहिक रूप से काम करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने और सिस्टम में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए कई नए सुधार लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि व्यवसाय करने की सुगमता के लिए राज्य सरकार ने पंजाब राइट टू बिजनेस (संशोधन) नियम, 2025 को मंजूरी दी है, जो उद्यमियों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन संशोधनों के तहत कई पूर्व-निर्माण नियामक मंजूरियों को अधिनियम के दायरे में लाया गया है, जिनमें प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की रजिस्ट्रेशन, बायोमेडिकल वेस्ट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन, फैक्ट्री लाइसेंस, स्थापना के लिए सहमति, संचालन के लिए सहमति, स्थिरता प्रमाणपत्र और गैर-वन भूमि के लिए एनओसी प्रमाणपत्र शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संशोधनों से “स्व-घोषणा” प्रक्रिया को बहुत सरल बना दिया गया है और पूरी प्रक्रिया अब प्रदेश के सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से होगी। नए प्रोजेक्ट शुरू करने वाले उद्यमी इस पोर्टल के जरिए जमीन की मालिकी या सहमति का प्रमाण, सीआरओ रिपोर्ट, मास्टर प्लान की पहचान, प्रक्रिया का विवरण और ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सैद्धांतिक मंजूरी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए समयबद्ध प्रक्रिया पेश की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए सुधारों का उद्देश्य मंजूरियों में अनावश्यक देरी को खत्म करना है। यदि सक्षम प्राधिकारी निर्धारित समय में फैसला नहीं ले पाता, तो नई व्यवस्था के तहत स्वतः मंजूरी (डीम्ड अप्रूवल) मिल जाएगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र अभूतपूर्व विकास कर रहा है और प्रदेश फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट, हैंड टूल्स, साइकिल निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में अग्रणी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब वैश्विक स्तर पर निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरा है, जिसमें जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, दुबई, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और स्पेन से महत्वपूर्ण निवेश प्राप्त हो रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उद्योग-अनुकूल नीतियों, पारदर्शी शासन और अनुकूल व्यापारिक माहौल के कारण पंजाब ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम है, जिसके तहत 150 से अधिक व्यापारिक सेवाएँ दी जा रही हैं और ऑफलाइन आवेदन की कोई जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट के तहत 125 करोड़ रुपए तक के निवेश वाली औद्योगिक इकाइयों को मात्र तीन दिन में सैद्धांतिक मंजूरी दी जाती है। भगवंत सिंह मान ने बताया कि अन्य सुधारों में 45 दिनों में निश्चित मंजूरी, समय पर फैसला न होने पर ऑटोमैटिक डीम्ड अप्रूवल, व्हाट्सएप के माध्यम से नियमित निवेशक सहायता, एआई-संचालित चैटबॉट और कॉल सेंटर, फायर एनओसी के लिए सरल प्रक्रिया और जमीन को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलना शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि वास्तविक औद्योगिक प्रगति तभी संभव है जब सरकार और उद्योग मिलकर काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी भावना के साथ उद्यमी और निवेशक पंजाब के औद्योगिक भविष्य को आकार देने में हमारे सबसे बड़े साझेदार हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हर क्षेत्र के लिए नीति और योजना बनाने हेतु 24 सेक्टर-विशिष्ट समितियों का गठन किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये समितियाँ पंजाब के औद्योगिक विकास के लिए खाका तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां अपार संभावनाएँ हैं और उद्योग के निरंतर सहयोग से राज्य सरकार भविष्य के लिए तैयार, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और नवीनतम औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर सकती है। पंजाब को उद्योग और निर्यात के लिए देश का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए आपसी साझेदारी में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए उद्योगपतियों के विश्वास और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद दिया।

मुख्यमंत्री की ओर से “फास्ट्रैक पंजाब पोर्टल” के दूसरे चरण की शुरुआत के साथ निवेशकों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी 173 सेवाएं

पंजाब में उद्योग-अनुकूल माहौल ने उद्योगों के पलायन को पूरी तरह रोक दिया

प्रदेश में औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई

चंडीगढ़, 21 नवंबर –
पंजाब को निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाने तथा औद्योगिक क्षेत्र को बड़ा बूस्ट देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज “फास्ट्रैक पंजाब पोर्टल” के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से 173 सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे प्रदेश में औद्योगिक विकास की गति और तेज होगी।

समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने प्रदेश के शासन में पारदर्शिता और कुशलता लाने के लिए “सिंगल विंडो विद ए सिंगल पैन” प्रणाली शुरू की है, जिससे प्रदेश की औद्योगिक नीति एक नए युग में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने कहा कि एक कलम छड़ी से ज्यादा ताकत रखती है, क्योंकि यह सही फैसले लेने और रचनात्मक प्रशासन का रास्ता प्रशस्त करती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि “डीम्ड अप्रूवल का कॉन्सेप्ट भी पेश किया गया है ताकि उद्योगों को बिना किसी देरी के समय पर मंजूरियां मिल सकें। यह पंजाब को निवेशक-अनुकूल राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में फास्ट्रैक पंजाब पोर्टल के जरिए 9 विभागों से संबंधित 47 सेवाएं चल रही हैं और प्रभावी समन्वय एवं निगरानी के कारण आवेदनों की पेंडेंसी दर शून्य हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश से उद्योगों के पलायन को पूरी तरह रोक दिया गया है, जिसके चलते 1.40 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश आकर्षित हुआ है और विभिन्न क्षेत्रों में लगभग पांच लाख नौकरियों के अवसर पैदा हुए हैं। भगवंत सिंह मान ने बताया कि राज्य सरकार व्यवसाय करने की सुगमता के लिए विभिन्न भागीदारों के साथ निकट समन्वय से काम कर रही है।

उद्यमिता के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने पंजाब के युवाओं से नौकरी ढूंढने वाले बनने की बजाय खुद का उद्यम स्थापित कर नौकरी देने वाले बनने का आह्वान किया। इस सोच के समर्थन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उभरते उद्यमियों को वित्तीय सहायता, ऋण और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर रही है। शिक्षा सुधारों में प्रगति को रेखांकित करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने अपनी शिक्षा प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं ताकि विद्यार्थियों में सकारात्मक, आत्मविश्वासी और प्रगतिशील मानसिकता को प्रोत्साहित किया जा सके और उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार किया जा सके।

व्यवसायियों को किसानों के बाद दूसरा “अन्नदाता” बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों की आजीविका और आर्थिक विकास बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने गर्व के साथ पंजाब की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि भारत की चार प्रमुख खेलों हॉकी, क्रिकेट, फुटबॉल और बास्केटबॉल – की राष्ट्रीय टीमों की कप्तानी इस समय पंजाबी कर रहे हैं, जो प्रदेश के उत्कृष्ट खेल कौशल और नेतृत्व भावना को दर्शाता है। भगवंत सिंह मान ने पंजाब के लोगों के मेहनती और साहसी स्वभाव की सराहना की और बताया कि हाल के बाढ़ों में पांच लाख एकड़ फसली क्षेत्र को नुकसान होने के बावजूद पंजाब ने केंद्रीय पूल में रिकॉर्ड 150 लाख मीट्रिक टन चावल का योगदान दिया है।

पंजाब को एक भाग्यशाली भूमि बताते हुए, जहां कोई भूखा नहीं सोता, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की भाईचारे की सेवा की झलक लंगर और स्वैच्छिक प्रयासों में दिखती है, जो इसकी अनुपम मानवतावादी भावना को दर्शाती है। उन्होंने याद दिलाया कि पंजाब हमेशा देश का किला बना रहा है और यह भारत की हिम्मत, लचीलापन और एकता का प्रतीक रहा है। भगवंत सिंह मान ने लोगों से छोटे-मोटे मुद्दों से ऊपर उठकर पंजाब की समग्र प्रगति के लिए सामूहिक रूप से काम करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार औद्योगिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने और सिस्टम में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए कई नए सुधार लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि व्यवसाय करने की सुगमता के लिए राज्य सरकार ने पंजाब राइट टू बिजनेस (संशोधन) नियम, 2025 को मंजूरी दी है, जो उद्यमियों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन संशोधनों के तहत कई पूर्व-निर्माण नियामक मंजूरियों को अधिनियम के दायरे में लाया गया है, जिनमें प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की रजिस्ट्रेशन, बायोमेडिकल वेस्ट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन, फैक्ट्री लाइसेंस, स्थापना के लिए सहमति, संचालन के लिए सहमति, स्थिरता प्रमाणपत्र और गैर-वन भूमि के लिए एनओसी प्रमाणपत्र शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन संशोधनों से “स्व-घोषणा” प्रक्रिया को बहुत सरल बना दिया गया है और पूरी प्रक्रिया अब प्रदेश के सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से होगी। नए प्रोजेक्ट शुरू करने वाले उद्यमी इस पोर्टल के जरिए जमीन की मालिकी या सहमति का प्रमाण, सीआरओ रिपोर्ट, मास्टर प्लान की पहचान, प्रक्रिया का विवरण और ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकेंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सैद्धांतिक मंजूरी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए समयबद्ध प्रक्रिया पेश की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नए सुधारों का उद्देश्य मंजूरियों में अनावश्यक देरी को खत्म करना है। यदि सक्षम प्राधिकारी निर्धारित समय में फैसला नहीं ले पाता, तो नई व्यवस्था के तहत स्वतः मंजूरी (डीम्ड अप्रूवल) मिल जाएगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र अभूतपूर्व विकास कर रहा है और प्रदेश फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट, हैंड टूल्स, साइकिल निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में अग्रणी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब वैश्विक स्तर पर निवेशकों के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरा है, जिसमें जापान, अमेरिका, जर्मनी, ब्रिटेन, दुबई, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और स्पेन से महत्वपूर्ण निवेश प्राप्त हो रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उद्योग-अनुकूल नीतियों, पारदर्शी शासन और अनुकूल व्यापारिक माहौल के कारण पंजाब ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उन्होंने कहा कि फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम है, जिसके तहत 150 से अधिक व्यापारिक सेवाएँ दी जा रही हैं और ऑफलाइन आवेदन की कोई जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट के तहत 125 करोड़ रुपए तक के निवेश वाली औद्योगिक इकाइयों को मात्र तीन दिन में सैद्धांतिक मंजूरी दी जाती है। भगवंत सिंह मान ने बताया कि अन्य सुधारों में 45 दिनों में निश्चित मंजूरी, समय पर फैसला न होने पर ऑटोमैटिक डीम्ड अप्रूवल, व्हाट्सएप के माध्यम से नियमित निवेशक सहायता, एआई-संचालित चैटबॉट और कॉल सेंटर, फायर एनओसी के लिए सरल प्रक्रिया और जमीन को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलना शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का दृढ़ विश्वास है कि वास्तविक औद्योगिक प्रगति तभी संभव है जब सरकार और उद्योग मिलकर काम करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी भावना के साथ उद्यमी और निवेशक पंजाब के औद्योगिक भविष्य को आकार देने में हमारे सबसे बड़े साझेदार हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने हर क्षेत्र के लिए नीति और योजना बनाने हेतु 24 सेक्टर-विशिष्ट समितियों का गठन किया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये समितियाँ पंजाब के औद्योगिक विकास के लिए खाका तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब आज एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, जहां अपार संभावनाएँ हैं और उद्योग के निरंतर सहयोग से राज्य सरकार भविष्य के लिए तैयार, वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और नवीनतम औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर सकती है। पंजाब को उद्योग और निर्यात के लिए देश का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए आपसी साझेदारी में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए उद्योगपतियों के विश्वास और समर्थन के लिए दिल से धन्यवाद दिया।

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