- पीजीआई 2.0 रैंकिंग में पंजाब ने केरल, दिल्ली और महाराष्ट्र को छोड़ा पीछे
चंडीगढ़, 21 मई : स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने नया इतिहास रचते हुए देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी वर्ष 2024-25 के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2.0 में पंजाब सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है। खास बात यह है कि नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में शीर्ष राज्यों में शामिल होने के महज दो सप्ताह बाद पंजाब ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए Harjot Singh Bains ने बताया कि पंजाब ने प्रचेष्टा-ग्रेड 1 हासिल किया है, जिसमें 51 से 60 प्रतिशत के बीच स्कोर करने वाले राज्यों को शामिल किया जाता है। पंजाब के साथ केवल Chandigarh ने यह उपलब्धि हासिल की है। वहीं केरल, दिल्ली, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश को प्रचेष्टा-ग्रेड 2 में रखा गया है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पीजीआई 2.0 के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को छह प्रमुख क्षेत्रों में प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग दी जाती है। इनमें सीखने के परिणाम और गुणवत्ता, पहुंच, बुनियादी ढांचा एवं सुविधाएं, समानता, प्रशासनिक प्रक्रिया तथा शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब ने “सीखने के परिणाम और गुणवत्ता” श्रेणी में 150.4 अंक हासिल कर देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस श्रेणी में तीसरी, छठी और नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों की भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों में दक्षता का मूल्यांकन किया जाता है। इसे शिक्षा गुणवत्ता का सबसे महत्वपूर्ण मानदंड माना जाता है।
वहीं जिलों के लिए जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई-डी) 2024-25 में Barnala जिले ने 461 अंक हासिल कर पूरे राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया और प्रतिष्ठित उत्तम-2 ग्रेड हासिल किया। इसके बाद Sri Muktsar Sahib, SBS Nagar, Hoshiarpur, Sangrur, Tarn Taran और Malerkotla जिलों का स्थान रहा।
पीजीआई-डी के तहत जिलों को परिणाम, प्रभावी कक्षा संवाद, बुनियादी ढांचा सुविधाएं, विद्यार्थियों के अधिकार, स्कूल सुरक्षा, डिजिटल शिक्षा और प्रशासनिक प्रक्रिया जैसे छह प्रमुख क्षेत्रों में रैंकिंग दी जाती है। यह उपलब्धि राज्य के सभी जिलों में शिक्षा के स्तर में सुधार और कक्षाओं में उत्कृष्टता सुनिश्चित किए जाने का प्रमाण मानी जा रही है।



